फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   12 black spots on NH-19 in Agra

Exclusive: आगरा में एनएच-19 पर 35 किमी तक 12 ब्लैक स्पॉट, तीन साल में हादसों में गई 241 लोगों की जान

Wed, 13 Jul 2022 11:38 AM IST
मुकेश कुमार आशीष शर्मा, अमर उजाला आगरा
आशीष शर्मा, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 13 Jul 2022 11:38 AM IST
सार

आगरा में एत्मादपुर से कीठम तक हाईवे पर हर पल जान का खतरा बना रहता है। इसी दूरी के बीच तीन साल में 319 हादसे हुए हैं। 

विज्ञापन
12 black spots on NH-19 in Agra
NH-19 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में एनएच-19 पर एत्मादपुर स्थित नोएडा एक्सप्रेसवे के कट से कीठम तक हर पल जान का खतरा रहता है। 35 किलोमीटर तक हाईवे पर 12 ब्लैक स्पॉट हैं। तेज रफ्तार तो कभी वाहन चलाते समय जरा सी गलती जान पर भारी पड़ रही है। वर्ष 2019, 2020 और 2021 में हाईवे पर 319 हादसों में गई 241 की जान जा चुकी है। 208 लोग घायल हो चुके हैं। 
विज्ञापन

ब्लैक स्पॉट पर हादसे 

वर्ष हादसे   मौतें   घायल
2019 161 119 106
2020 71 53 49
2021 87 69   53
 

गुरुद्वारा गुरु का ताल कट पर कोई चेतावनी नहीं

गुरुद्वारा गुरु का ताल कट पर 20 दिन में दो हादसे हुए। एक में बाइक सवार की जान गई थी, जबकि दूसरे में पांच साल के बच्चे की मौत हुई। कट से पहले और बाद में न तो दुर्घटना बहुल क्षेत्र का बोर्ड लगा है और न ही गति सीमा का। इससे कट पर सिकंदरा और आईएसबीटी की तरफ से आने वाले वाहन तेज गति से निकलते हैं। कट पर टर्न लेने और पास करने वाले वाहनों से हादसे का खतरा बना रहता है। 
विज्ञापन

तीन साल में पांच से अधिक हादसे तो ब्लैक स्पॉट

एसपी यातायात अरुण चंद ने बताया कि तीन साल में जिस स्थान पर पांच या पांच से अधिक हादसे होते हैं, या फिर दस लोगों की एक साथ मौत होती है, उस स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में रखा जाता है। देखा जाता है कि किस कमी की वजह से हादसा हुआ। अगर, मानवीय भूल है तो कुछ नहीं कर सकते हैं। 

रोड इंजीनियरिंग में कमी होने पर दूर की जा सकती है। एक ब्लैक स्पॉट की परिधि तकरीबन 500 मीटर तक की होती है। इस स्थान पर दुर्घटना बहुल क्षेत्र होने का बोर्ड लगाया जाना चाहिए। गति सीमा बताने वाले भी बोर्ड लगे हों, जिससे लोग नियमों का पालन कर सकें। ऐसे स्थान पर पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई जाती है। 

कारण पता कर समस्या दूर करेंगे

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि जिला स्तर पर कमेटी ब्लैक स्पॉट का निर्धारण करती है। हादसों का कारण पता किया जाएगा। इसके बाद समस्या को दूर कराया जाएगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed