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सिक्सलेन : डीजीएम ने भेजे परियोजना निदेशक, मांगी रिपोर्ट
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कासगंज। सिक्सलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध एनएचएआई के लिए सिरदर्द बन गया है। परियोजना में आड़े आए विरोध से काम रुका तो एनएचएआई गंभीर हुआ है। डीजीएम ने परियोजना निदेशक को अधिग्रहण की विवादित भूमि की रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिले में भेजा है। परियोजना निदेशक ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन ग्रामीणों से बात नहीं की। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया।
मथुरा-बरेली के बीच प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विरोध में उलझ कर रह गई है। प्रह्लादपुर, देवरी, तकुआवर, शाहपुरमाफी सहित तमाम गांव के ग्रामीण मनमानी का आरोप लगाकर अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा एनएचएआई के अफसरों से बात की तो अधिकारी गंभीर हुए। एनएचएआई के डीजीएम बाईडी विदुआ ने परियोजना निदेशक को धरातल का हाल जानने जिले में भेजा है। रिपोर्ट मांगी है कि जिस भूमि पर अधिग्रहण का विरोध हो रहा है वहां से विकल्प तलाशें। क्या बेहतर हो सकता है उसकी रिपोर्ट तैयार करें। क्योंकि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय मथुरा-कासगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर रिपोर्ट मांग चुका है। परियोजना निदेशक की टीम जिले में पहुंच गई। टीम ने प्रह्लादपुर क्षेत्र में स्थिति भी देखी, लेकिन किसी भी किसान से कोई बात नहीं की। जिससे प्रह्लादपुर के किसान कमलकांत, राजवीर आदि में काफी आक्रोश था। किसानों का कहना था कि एनएचएआई की टीम अभी समस्या का समाधान नहीं कर रही।
भाकियू की पंचायत में चर्चा
कासगंज। सिक्सलेन के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ कदम मिलाया है। सोमवार को मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे, मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष आशीष पांडे सहित किसान नेता गांव तकुआवर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक कर अधिग्रहण का विरोध किया।
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- रिपोर्ट तैयार कराने के लिए अफसरों की टीम कासगंज में भेजी है। राष्ट्रीय राजमार्ग का नक्शा बदलना मुश्किल है। प्रयास करेंगे कि किसानों को संतुष्ट किया जा सके। - बाईडी विदुआ, डीजीएम, एनएचएआई।
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मथुरा-बरेली के बीच प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विरोध में उलझ कर रह गई है। प्रह्लादपुर, देवरी, तकुआवर, शाहपुरमाफी सहित तमाम गांव के ग्रामीण मनमानी का आरोप लगाकर अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा एनएचएआई के अफसरों से बात की तो अधिकारी गंभीर हुए। एनएचएआई के डीजीएम बाईडी विदुआ ने परियोजना निदेशक को धरातल का हाल जानने जिले में भेजा है। रिपोर्ट मांगी है कि जिस भूमि पर अधिग्रहण का विरोध हो रहा है वहां से विकल्प तलाशें। क्या बेहतर हो सकता है उसकी रिपोर्ट तैयार करें। क्योंकि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय मथुरा-कासगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर रिपोर्ट मांग चुका है। परियोजना निदेशक की टीम जिले में पहुंच गई। टीम ने प्रह्लादपुर क्षेत्र में स्थिति भी देखी, लेकिन किसी भी किसान से कोई बात नहीं की। जिससे प्रह्लादपुर के किसान कमलकांत, राजवीर आदि में काफी आक्रोश था। किसानों का कहना था कि एनएचएआई की टीम अभी समस्या का समाधान नहीं कर रही।
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भाकियू की पंचायत में चर्चा
कासगंज। सिक्सलेन के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ कदम मिलाया है। सोमवार को मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे, मंडल उपाध्यक्ष श्यामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष आशीष पांडे सहित किसान नेता गांव तकुआवर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक कर अधिग्रहण का विरोध किया।
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- रिपोर्ट तैयार कराने के लिए अफसरों की टीम कासगंज में भेजी है। राष्ट्रीय राजमार्ग का नक्शा बदलना मुश्किल है। प्रयास करेंगे कि किसानों को संतुष्ट किया जा सके। - बाईडी विदुआ, डीजीएम, एनएचएआई।