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शौचालयों से वंचित हैं कई निर्धन परिवार
Updated Mon, 26 Nov 2018 10:27 PM IST
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
जिले के ओडीएफ की घोषणा भले ही कर दी गई हो, लेकिन आज भी बढ़ी संख्या में निर्धन परिवार ऐसे हैं जो शौचालय से वंचित है। उनके द्वारा दफ्तरों के चक्कर काटे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में स्वच्छ भारत अभियान की सफलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। नगर की बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग के समीप की नई बस्ती के निवासी वार्ड 22 में शामिल हैं लेकिन यहां के कई मकानों में शौचालय नहीं है। परिवार के सदस्यों को सुबह खेतों में जाना होता है। लोगों ने पालिका में आवेदन किया गया लेकिन कर्मियों के द्वारा मौके पर पहुंचकर सर्वे नहीं किया गया। बस्ती की महिलाओं ने बताया कि वे कई बार पालिका के दफ्तर में जा चुकी हैं। उनके द्वारा आवेदन भी दिए गए, लेकिन आज तक उन्हें शौचालय आवंटित नहीं किया गया। लोगों के द्वारा बस्ती के लोगों को योजना का लाभ दिए जाने की मांग की गई।
चार बड़ी पुत्रियां हैं। मकान में शौचालय नहीं है। जिससे काफी दिक्कत होती है। दफ्तर में आवेदन के बाद भी उन्हें शौचालय के लिए पात्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। मोहिनी, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग
मकान में शौचालय न होने से परेशानी का सामना करना होता है। दिन में शौच के लिए परेशान होना पड़ता है। वह दफ्तर के चक्कर काटकर परेशान हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरोज, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग
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घर में शौचालय न होने से खेतों में जाना होता है। अब बस्ती भी घनी हो गई है। रात्रि में महिला सदस्यों के घर से बाहर जाने से अनहोनी की आशंका भी रहती है। शौचालय की सूची में शामिल योजना का लाभ दिया जाए। पुष्पा, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग
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जिले के ओडीएफ की घोषणा भले ही कर दी गई हो, लेकिन आज भी बढ़ी संख्या में निर्धन परिवार ऐसे हैं जो शौचालय से वंचित है। उनके द्वारा दफ्तरों के चक्कर काटे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में स्वच्छ भारत अभियान की सफलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। नगर की बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग के समीप की नई बस्ती के निवासी वार्ड 22 में शामिल हैं लेकिन यहां के कई मकानों में शौचालय नहीं है। परिवार के सदस्यों को सुबह खेतों में जाना होता है। लोगों ने पालिका में आवेदन किया गया लेकिन कर्मियों के द्वारा मौके पर पहुंचकर सर्वे नहीं किया गया। बस्ती की महिलाओं ने बताया कि वे कई बार पालिका के दफ्तर में जा चुकी हैं। उनके द्वारा आवेदन भी दिए गए, लेकिन आज तक उन्हें शौचालय आवंटित नहीं किया गया। लोगों के द्वारा बस्ती के लोगों को योजना का लाभ दिए जाने की मांग की गई।
चार बड़ी पुत्रियां हैं। मकान में शौचालय नहीं है। जिससे काफी दिक्कत होती है। दफ्तर में आवेदन के बाद भी उन्हें शौचालय के लिए पात्रों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। मोहिनी, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग
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मकान में शौचालय न होने से परेशानी का सामना करना होता है। दिन में शौच के लिए परेशान होना पड़ता है। वह दफ्तर के चक्कर काटकर परेशान हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरोज, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग
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घर में शौचालय न होने से खेतों में जाना होता है। अब बस्ती भी घनी हो गई है। रात्रि में महिला सदस्यों के घर से बाहर जाने से अनहोनी की आशंका भी रहती है। शौचालय की सूची में शामिल योजना का लाभ दिया जाए। पुष्पा, निवासी बिलराम गेट रेलवे क्रासिंग