{"_id":"5bf1aeebbdec22693d1223a1","slug":"11542565611-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहन चेकिंग में महिला पुलिसकर्मी भी होनी चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहन चेकिंग में महिला पुलिसकर्मी भी होनी चाहिए
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत शहर के विभिन्न महिला संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की आवाज उठाई। वाहनों चेकिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की मांग उठी। महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।
रविवार को बाग छिंगामल में अमर उजाला द्वारा आयोजित फोकस ग्रुप में ट्रैफिक को लेकर चर्चा हुई तो महिलाओं ने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए। गांधी पार्क चौराहे पर लगने वाले जाम की समस्या सभी ने एक सुर में उठाई। महिलाएं बोली एक ही समय पर अधिकांश सभी स्कूलों की छुट्टियां होती हैं। एक ही समय पर स्कूल वैन, मिनीबस, ऑटो-रिक्शा निकलने से गांधी पार्क चौराहा जाम हो जाता है। महिलाओं ने सुझाव दिया इसके लिए पहले से पुलिस प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए।
बेहतर होगा स्कूल संचालकों की बैठक करके छुट्टी या वाहन निकलने के समय में कुछ अंतर रखा जाए। ई-रिक्शा सबसे बड़ी समस्या बन रहे हैं। शहर का कोई चौराहा और रास्ता ऐसा नहीं जहां ई-रिक्शा वाले जाम न लगाते हैं। महिलाओं ने कहा कि चेकिंग के दौरान पुलिसवाले हमें भी रोकते हैं। इस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं होती। पुरुष पुलिसकर्मी कर्कश अंदाज में बात करते हैं तो काफी कष्ट होता है। बेहतर हो चेकिंग में महिला पुलिसकर्मी भी रहें।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अलग से कैंप लगाए जाएं। ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे ठीक किए जाएं। फोकस ग्रुप चर्चा में विश्व भारतीय जनकल्याण समिति, भारती महिला बाल कल्याण समिति, जनसेवार्थ समिति, जनकल्याण सर्व समिति से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। चर्चा में पूनम सविता, राधा शंखवार, ममता जैन, मीनू अग्रवाल, सीमा निमेष, कामिनी जैन, सीमा गुप्ता, डॉ. स्मिता गुप्ता, डॉ. प्रीती सिंह, अश्वनी, अंजली गुप्ता, रेखा जैन मुख्य रूप से शामिल हुईं।
विज्ञापन
रविवार को बाग छिंगामल में अमर उजाला द्वारा आयोजित फोकस ग्रुप में ट्रैफिक को लेकर चर्चा हुई तो महिलाओं ने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए। गांधी पार्क चौराहे पर लगने वाले जाम की समस्या सभी ने एक सुर में उठाई। महिलाएं बोली एक ही समय पर अधिकांश सभी स्कूलों की छुट्टियां होती हैं। एक ही समय पर स्कूल वैन, मिनीबस, ऑटो-रिक्शा निकलने से गांधी पार्क चौराहा जाम हो जाता है। महिलाओं ने सुझाव दिया इसके लिए पहले से पुलिस प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए।
विज्ञापन
बेहतर होगा स्कूल संचालकों की बैठक करके छुट्टी या वाहन निकलने के समय में कुछ अंतर रखा जाए। ई-रिक्शा सबसे बड़ी समस्या बन रहे हैं। शहर का कोई चौराहा और रास्ता ऐसा नहीं जहां ई-रिक्शा वाले जाम न लगाते हैं। महिलाओं ने कहा कि चेकिंग के दौरान पुलिसवाले हमें भी रोकते हैं। इस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी नहीं होती। पुरुष पुलिसकर्मी कर्कश अंदाज में बात करते हैं तो काफी कष्ट होता है। बेहतर हो चेकिंग में महिला पुलिसकर्मी भी रहें।
विज्ञापन
महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अलग से कैंप लगाए जाएं। ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे ठीक किए जाएं। फोकस ग्रुप चर्चा में विश्व भारतीय जनकल्याण समिति, भारती महिला बाल कल्याण समिति, जनसेवार्थ समिति, जनकल्याण सर्व समिति से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। चर्चा में पूनम सविता, राधा शंखवार, ममता जैन, मीनू अग्रवाल, सीमा निमेष, कामिनी जैन, सीमा गुप्ता, डॉ. स्मिता गुप्ता, डॉ. प्रीती सिंह, अश्वनी, अंजली गुप्ता, रेखा जैन मुख्य रूप से शामिल हुईं।