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जमीन पर बैठ दो घंटे करना पड़ा अफसरों का इंतजार
Updated Thu, 12 Jul 2018 11:43 PM IST
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फिरोजाबाद। वार्ड नंबर 23 में पानी की समस्या लेकर आई महिलाओं को गुरुवार को दो घंटे तक जमीन पर बैठकर अफसरों के आने का इंतजार करना पड़ा। कोई जिम्मेदार अधिकारी न मिलने पर महिलाओं ने हंगामा किया।
जुलाई में भी पेयजल संकट नहीं थम रहा है। वार्ड नंबर 23 पुरानी मंडी के मोहल्ला चौकी गेट, जैन धर्मशाला, बघेल गली, वाल्मीकि बस्ती के लोग पानी को तरस रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद मोहित अग्रवाल ने पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव कई महीने पहले दिया था, परंतु जलकल विभाग के अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की।
गुरुवार को स्थानीय महिलाएं 11.30 बजे जलकल विभाग जा पहुंची। वहां महाप्रबंधक, एक्सइएन, सहायक अभियंता या कोई जिम्मेदारी कर्मचारी नहीं मिला। पार्षद मोहित अग्रवाल ने कई बार अफसरों को फोन किया, काफी देर इंतजार करने के बाद महिलाएं जमीन पर बैठ गईं और अफसरों का इंतजार कर रहती रहीं।
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उनका कहना है कि क्षेत्र में नगला बरी टंकी से दो-चार मिनट पानी आता है, वह भी नाली जैसा काला पानी होता है। गरीब लोगों को रोजाना पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझानी पड़ती हैं। दो घंटे के बाद एक्सईएन एमए हक कार्यालय पहुंचे। उन्होंन एक सप्ताह में पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान रामबेटी, सुमन, ऊषा, मंजू, मिथलेश, मीरादेवी, रेखा, विमलेश, द्रोपदी, रत्नेश, इंद्रादेवी, मुन्नीदेवी, बीना, रतनदेवी आदि मौजूद रहीं।
जलकल विभाग में महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंताओं के वातानुकूलित कक्षों में अफसरों की गैर मौजूदगी में ठेकेदार, प्राइवेट कर्मचारी कब्जा जमाए रहते हैं। पेयजल समस्या लेकर आने वाले लोगों को खड़े होने व बैठने की जगह नहीं मिलती। मजबूरी में उन्होंने बाहर खड़े होकर या जमीन पर बैठकर अफसरों का इंतजार करना पड़ता है।
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जुलाई में भी पेयजल संकट नहीं थम रहा है। वार्ड नंबर 23 पुरानी मंडी के मोहल्ला चौकी गेट, जैन धर्मशाला, बघेल गली, वाल्मीकि बस्ती के लोग पानी को तरस रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद मोहित अग्रवाल ने पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव कई महीने पहले दिया था, परंतु जलकल विभाग के अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की।
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गुरुवार को स्थानीय महिलाएं 11.30 बजे जलकल विभाग जा पहुंची। वहां महाप्रबंधक, एक्सइएन, सहायक अभियंता या कोई जिम्मेदारी कर्मचारी नहीं मिला। पार्षद मोहित अग्रवाल ने कई बार अफसरों को फोन किया, काफी देर इंतजार करने के बाद महिलाएं जमीन पर बैठ गईं और अफसरों का इंतजार कर रहती रहीं।
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उनका कहना है कि क्षेत्र में नगला बरी टंकी से दो-चार मिनट पानी आता है, वह भी नाली जैसा काला पानी होता है। गरीब लोगों को रोजाना पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझानी पड़ती हैं। दो घंटे के बाद एक्सईएन एमए हक कार्यालय पहुंचे। उन्होंन एक सप्ताह में पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान रामबेटी, सुमन, ऊषा, मंजू, मिथलेश, मीरादेवी, रेखा, विमलेश, द्रोपदी, रत्नेश, इंद्रादेवी, मुन्नीदेवी, बीना, रतनदेवी आदि मौजूद रहीं।
जलकल विभाग में महाप्रबंधक, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंताओं के वातानुकूलित कक्षों में अफसरों की गैर मौजूदगी में ठेकेदार, प्राइवेट कर्मचारी कब्जा जमाए रहते हैं। पेयजल समस्या लेकर आने वाले लोगों को खड़े होने व बैठने की जगह नहीं मिलती। मजबूरी में उन्होंने बाहर खड़े होकर या जमीन पर बैठकर अफसरों का इंतजार करना पड़ता है।