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यमुना में प्रवाहित होने आई थीं चाचा नेहरू की अस्थियां
Updated Fri, 10 Nov 2017 08:06 PM IST
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नेहरू
- फोटो : Getty Images
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मथुरा। बच्चों से प्रेम करने वाले देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अस्थियों को यमुना में प्रवाहित करने के लिए मथुरा लाया गया था। यमुना के विश्राम घाट पर इन अस्थियों को प्रवाहित किया गया। जिस कलश में अस्थियों को लाया गया वो कलश आज भी राजकीय संग्रहालय में मौजूद है।
27 मई 1964 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का निधन हुआ। अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को प्रवाहित करने के लिए मथुरा लाया गया। बताया जाता है कि इन अस्थियों को यमुना के पवित्र घाट पर प्रवाहित किया गया। जिस अस्थि कलश में इन अस्थियों को लाया गया था वो कलश आज भी मथुरा के संग्रहालय की धरोहरों में शामिल है।
संग्रहालय के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एसपी सिंह ने बताया बाल दिवस 14 नवंबर को इस अस्थि कलश को गैलरी में रखा जाएगा। इस दिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे आते हैं। ये कलश उससे संबंधित जानकारी देने के लिए संग्रहालय का स्टाफ भी मौजूद रहेगा।
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27 मई 1964 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का निधन हुआ। अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को प्रवाहित करने के लिए मथुरा लाया गया। बताया जाता है कि इन अस्थियों को यमुना के पवित्र घाट पर प्रवाहित किया गया। जिस अस्थि कलश में इन अस्थियों को लाया गया था वो कलश आज भी मथुरा के संग्रहालय की धरोहरों में शामिल है।
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संग्रहालय के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एसपी सिंह ने बताया बाल दिवस 14 नवंबर को इस अस्थि कलश को गैलरी में रखा जाएगा। इस दिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे आते हैं। ये कलश उससे संबंधित जानकारी देने के लिए संग्रहालय का स्टाफ भी मौजूद रहेगा।
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