{"_id":"597230814f1c1b2e188b4604","slug":"11500655745-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिल्डर ने बेचे बंधक प्लाट, विप्रा ने कर दिए रिलीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिल्डर ने बेचे बंधक प्लाट, विप्रा ने कर दिए रिलीज
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत गांव कोयला अलीपुर के निकट विकसित हो रही कालोनी गंगा सिटी के बिल्डर ने बंधक प्लाट बेच दिए हैं। इस पर कार्रवाई के बजाए विप्रा अफसरों ने बंधक प्लाट को रिलीज भी कर दिया है। इसकी शिकायत अब मंडलायुक्त से की गई है।
दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के निकट गांव कोयला अलीपुर के पास कालोनी गंगा सिटी बनाई जा रही है। यहां प्लांट और फ्लैट खरीदने वाले पिछले कई माह से यहां की शिकायत कर रहे हैं। आरोप है कि बिल्डर बीएस यादव ने यहां बिजली, पानी, सड़क, जल निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है।
एसटीपी बनाने के बजाए अलग-अलग सेप्टिक टैंक बना दिए हैं। विकास प्राधिकरण की शर्तों के मुताबिक जो प्लाट बंधक बनाए गए थे, उनकी भी बिक्री कर दी गई है, जिनपर निर्माण हो रहा है। उपरोक्त आरोप की पिछले दिनों विकास प्राधिकरण के अफसरों ने कराई जांच में शिकायत सही पाई थी। इस पर नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन कार्रवाई करने के बजाए विप्रा अफसरों ने बंधक बनाए प्लाट को ही रिलीज कर दिया है।
विज्ञापन
अब इसकी शिकायत मंडलायुक्त से की गई है। इसमें विप्रा अफसरों पर बिल्डर के साथ सांठगांठ का गंभीर आरोप लगाया गया है। विप्रा के प्रभारी सचिव रवींद्र कुमार ने कहा कि शिकायत आने पर मामले की जांच करा ली जाएगी। इस मामले में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के निकट गांव कोयला अलीपुर के पास कालोनी गंगा सिटी बनाई जा रही है। यहां प्लांट और फ्लैट खरीदने वाले पिछले कई माह से यहां की शिकायत कर रहे हैं। आरोप है कि बिल्डर बीएस यादव ने यहां बिजली, पानी, सड़क, जल निकासी के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है।
विज्ञापन
एसटीपी बनाने के बजाए अलग-अलग सेप्टिक टैंक बना दिए हैं। विकास प्राधिकरण की शर्तों के मुताबिक जो प्लाट बंधक बनाए गए थे, उनकी भी बिक्री कर दी गई है, जिनपर निर्माण हो रहा है। उपरोक्त आरोप की पिछले दिनों विकास प्राधिकरण के अफसरों ने कराई जांच में शिकायत सही पाई थी। इस पर नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन कार्रवाई करने के बजाए विप्रा अफसरों ने बंधक बनाए प्लाट को ही रिलीज कर दिया है।
विज्ञापन
अब इसकी शिकायत मंडलायुक्त से की गई है। इसमें विप्रा अफसरों पर बिल्डर के साथ सांठगांठ का गंभीर आरोप लगाया गया है। विप्रा के प्रभारी सचिव रवींद्र कुमार ने कहा कि शिकायत आने पर मामले की जांच करा ली जाएगी। इस मामले में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है।