{"_id":"594d4e174f1c1bca348b472b","slug":"11498238487-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलविदा...अलविदा माह-ए-रमजान...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलविदा...अलविदा माह-ए-रमजान...
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
अलविदा...अलविदा माह-ए-रमजान...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा।
माह ए रमजान के आखिरी जुमे में जिले भर की मस्जिदों में नमाज ए अलविदा जुमा अदा की गई। अब चंद दिन बाद ईद उल फितर की नमाज अदा की जाएगी। अलविदा जुमा की नमाज के लिए मस्जिदों पर आम दिनों की अपेक्षा कई गुना नमाजियों की भीड़ थी। नमाज के बाद लोगों ने अमन-चैन की दुआ मांगी।
अलविदा जुमा की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिमों में खासा उत्साह नजर आया। शहर के हाईवे स्थित जामा मस्जिद पर दोपहर को हाजी बदूद मियां ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शहर के वैरूनगंज, धानमील गली, किदवई नगर, मुसाफिर खाना, मारहरा दरवाजा स्थित मस्जिदों पर भी जुमा अलविदा की नमाज अदा कराई। मस्जिदों से हुई तकरीर में कहा कि इंसान को इस पाक माह में इबादत कर गुनाहों की माफी मांगी चाहिए। इस माह में अल्लाह एक नेकी के बदले में दस नेकी अता करता है। लोगों ने हर खास-ओ-आम के लिए दुआ मांगी।
साथ ही आपस में भाईचारे से रहने की अपील की गई। अलविदा जुमा को लेकर शहर की मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जगह-जगह पुलिस को तैनात किया गया। मस्जिदों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। हाफिज शब्बीर हुसैन, तादिश, खलील उल्लाह, नूर आलम, कारी इदरीश अली, नूर आलम, मोहम्मद जमा, सुल्तान अहमद, कफील, कल्लू मियां, अलीमुद्दीन, काजी मुकीद अहमद, सपा नेता शराफत हुसैन काले, बसपा नेता जहीर अहमद, मुहम्मद उमर, मुहम्मद शाहिद, तारिक, अदन अमानत, जमील अहमद, शकील सलमानी, मुहम्मद सलीम समेत अनेक नमाजी मौजूद रहे।
विज्ञापन
तकरीर में बताई शब-ए-कद्र की अहमियत
जामा मस्जिद में हाजी बदूद मियां ने नमाज से पहले तकरीर करते हुए शब-ए-कद्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे रमजान में इबादत का सिलसिला चलता है। मगर रमजान के आखिरी अशरा यानी रमजान की 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं शब को जागकर इबादत करना चाहिए। इस एक रात की इबादत हजारों रातों की इबादत का सवाब देती है। कुरान चूंकि रमजान में ही नाजिल हुआ था इसलिए तिलावतों पर जोर दें।
रूट किया गया डायवर्ट
अलविदा जुमा की वजह से जीटी रोड पर नमाजियाें की भीड़ के चलते यातायात ठप रहा। इसके चलते यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन किया। दिल्ली की ओर से आने वाहनों को रेलवे पुल और कानपुर की ओर से आ रहे वाहनों को मंडी समिति पर रोक दिया गया। इसके अलावा अन्य वाहन ठंडी सड़क, आवास विकास कालोनी होकर निकाले गए। इसके चलते ठंडी सड़क पर जाम के हालात बने रहे।
विज्ञापन
माह ए रमजान के आखिरी जुमे में जिले भर की मस्जिदों में नमाज ए अलविदा जुमा अदा की गई। अब चंद दिन बाद ईद उल फितर की नमाज अदा की जाएगी। अलविदा जुमा की नमाज के लिए मस्जिदों पर आम दिनों की अपेक्षा कई गुना नमाजियों की भीड़ थी। नमाज के बाद लोगों ने अमन-चैन की दुआ मांगी।
अलविदा जुमा की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिमों में खासा उत्साह नजर आया। शहर के हाईवे स्थित जामा मस्जिद पर दोपहर को हाजी बदूद मियां ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शहर के वैरूनगंज, धानमील गली, किदवई नगर, मुसाफिर खाना, मारहरा दरवाजा स्थित मस्जिदों पर भी जुमा अलविदा की नमाज अदा कराई। मस्जिदों से हुई तकरीर में कहा कि इंसान को इस पाक माह में इबादत कर गुनाहों की माफी मांगी चाहिए। इस माह में अल्लाह एक नेकी के बदले में दस नेकी अता करता है। लोगों ने हर खास-ओ-आम के लिए दुआ मांगी।
विज्ञापन
साथ ही आपस में भाईचारे से रहने की अपील की गई। अलविदा जुमा को लेकर शहर की मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जगह-जगह पुलिस को तैनात किया गया। मस्जिदों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। हाफिज शब्बीर हुसैन, तादिश, खलील उल्लाह, नूर आलम, कारी इदरीश अली, नूर आलम, मोहम्मद जमा, सुल्तान अहमद, कफील, कल्लू मियां, अलीमुद्दीन, काजी मुकीद अहमद, सपा नेता शराफत हुसैन काले, बसपा नेता जहीर अहमद, मुहम्मद उमर, मुहम्मद शाहिद, तारिक, अदन अमानत, जमील अहमद, शकील सलमानी, मुहम्मद सलीम समेत अनेक नमाजी मौजूद रहे।
विज्ञापन
तकरीर में बताई शब-ए-कद्र की अहमियत
जामा मस्जिद में हाजी बदूद मियां ने नमाज से पहले तकरीर करते हुए शब-ए-कद्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे रमजान में इबादत का सिलसिला चलता है। मगर रमजान के आखिरी अशरा यानी रमजान की 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं शब को जागकर इबादत करना चाहिए। इस एक रात की इबादत हजारों रातों की इबादत का सवाब देती है। कुरान चूंकि रमजान में ही नाजिल हुआ था इसलिए तिलावतों पर जोर दें।
रूट किया गया डायवर्ट
अलविदा जुमा की वजह से जीटी रोड पर नमाजियाें की भीड़ के चलते यातायात ठप रहा। इसके चलते यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन किया। दिल्ली की ओर से आने वाहनों को रेलवे पुल और कानपुर की ओर से आ रहे वाहनों को मंडी समिति पर रोक दिया गया। इसके अलावा अन्य वाहन ठंडी सड़क, आवास विकास कालोनी होकर निकाले गए। इसके चलते ठंडी सड़क पर जाम के हालात बने रहे।