फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   अलीगंज में साख बचाने में जुटे गठबंधन-भाजपा

अलीगंज में साख बचाने में जुटे गठबंधन-भाजपा

Thu, 25 Apr 2019 11:12 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 11:12 PM IST
विज्ञापन
अलीगंज में साख बचाने में जुटे गठबंधन-भाजपा
रैली में मंच पर एक-साथ मायावती अखिलेश और चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला
एटा। जिले की अलीगंज विधानसभा की सियासी तस्वीर बिल्कुल अलग है। सपा का गढ़ माने जाने वाली अलीगंज विधानसभा में सियासत बस नाम के लिए है। विगत चुनाव पर गौर करें तो सपा प्रत्याशी को इस विधानसभा क्षेत्र से सबसे ज्यादा वोट मिले थे। इस चुनाव में सपा के लिए अपना गढ़ बचाने की चुनौती है। वहीं भाजपा भी विधानसभा चुनाव में मिली जीत को बरकरार रखने के लिए मशक्कत कर रही है।
विज्ञापन

अलीगंज में सपा का दबदबा कुछ ऐसा है कि हर बार सपा ने जीत का परचम लहराया है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में तस्वीर बदली और विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने 40 साल बाद अपना कदम रखा। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से सपा प्रत्याशी को सबसे ज्यादा मत मिले थे। आंकड़ों पर गौर करें तो 2014 में सपा प्रत्याशी रामेश्वर सिंह यादव को 1,27,297 मत मिले, जबकि भाजपा के मुकेश राजपूत को 60,642 मतों से संतोष करना पड़ा। थोड़ा और पीछे चलें तो साल 2009 में इस सीट पर सपा के चंद्रभूषण को 40,907, बसपा के नरेश अग्रवाल को 44,206, मत मिले। 2004 में अलीगंज विधानसभा क्षेत्र एटा लोकसभा क्षेत्र में आता था। तब यहां से सपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव को 74,098 मत मिले और भाजपा के अशोक रत्न शाक्य को 64,994 मत मिले। कुल मिलाकर देखा जाए, तो सपा के लिए अलीगंज बेहद फायदे की सीट मानी जाती है। अब सपा-बसपा गठबंधन ने यहां से बसपा प्रत्याशी पर दांव लगाया है तो जीत को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं। हालांकि बसपा के समर्थन में सपा के नेता जीजान से जुटे हैं, लेकिन मिथक को बरकरार रखना चुनौती है। उधर, भाजपा भी दूसरी बार लगातार जीत का स्वाद चखने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है।
विज्ञापन

कांग्रेस की अग्निपरीक्षा
अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के लिए भी अग्निपरीक्षा है। फर्रुखाबाद से कांग्रेस ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद को उतारा है। सलमान को बीते चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। ऐसे में सलमान के आगे भी अलीगंज में जीतना बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रसपा भी बिगाड़ेगी खेल
फर्रुखाबाद सीट से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने कंपिल के चेयरमैन उदयपाल को प्रत्याशी बनाया है। उदयपाल की अलीगंज में भी अच्छी पकड़ है। सटा क्षेत्र होने के नाते उनका अक्सर यहां आनाजाना रहा है। उदय पाल ;द्घठ्ठ अलीगंज क्षेत्र से वोट लेने में सफल रहते हैं तो यह सपा के लिए मुसीबत बन सकता है।

जमकर पड़ता है वोट
अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में हर बार मतदान प्रतिशत 60 फीसदी से ऊपर रहा है। साल 2014 में यहां 67.32 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। वहीं साल 2017 के विस चुनाव में यहां 66.27 फीसदी मत पड़े थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed