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पटियाली विधानसभा: हर चुनाव में दौड़ती है साइकिल
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सपा की साइकिल यात्रा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटा। एटा लोकसभा क्षेत्र की पटियाली विधानसभा में साइकिल खूब दौड़ती है। यादव बाहुल्य होने से पटियाली में सपा को अच्छाखासा वोट मिलता रहा है। वहीं अमांपुर विस क्षेत्र में लोधी और शाक्य मतदाता की खासी तादाद सपा के लिए मुश्किल खड़ी करती रही है। पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी और सपा प्रत्याशी के बीच यहां करीब 51 हजार वोटों का अंतर था।
एटा लोकसभा क्षेत्र में चुनावी गणित जातीय समीकरणों पर टिका रहता है। कासगंज जिले की पटियाली विस क्षेत्र में सपा की साइकिल खूब दौड़ी है। साल 2014 में यहां सपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव को 76260 मत मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह को 76818 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी ने महज 558 वोट अधिक पाकर सपा को रोक पाया था। इससे पहले साल 2009 में निर्दलीय कल्याण सिंह को 31749 और बसपा के देवेंद्र सिंह यादव को 24745 वोट मिले थे। चूंकि कल्याण सिंह सपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैदान थे, फिर भी छह हजार वोट से ही वो बसपा प्रत्याशी को टक्कर दे सके। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में पटियाली विस में सपा के देवेंद्र सिंह को 66561 और भाजपा के अशोक रत्न शाक्य को 32072 वोट मिले। बताया जाता है कि पटियाली विस में यादव मतदाता अच्छे खासे हैं। इसका सीधा फायदा सजातीय प्रत्याशी और पार्टी को मिलता है।
वहीं अमांपुर विस क्षेत्र में सपा के लिए जीत बड़ी चुनौती होती है। साल 2014 के चुनाव में भाजपा के राजवीर सिंह को 94302 और सपा के देवेंद्र सिंह यादव को 42652 वोट मिले थे। 51 हजार वोटों से सपा यहां पीछे रहे। इससे पहले साल 2009 में भी निर्दलीय कल्याण सिंह को 46783 और बसपा के देवेंद्र सिंह यादव को महज 27528 वोट मिले। साल 2004 में अमांपुर तब सोरों विस क्षेत्र में आता था। क्षेत्र में सपा के देवेंद्र सिंह यादव को 39369 और भाजपा के अशोक रत्न शाक्य को 39019 मत मिले थे। इस क्षेत्र में लोधी और शाक्य मतदाता अच्छी तादाद में है। ऐसे में सपा को कड़ी मेहनत की जरूरत है।
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एटा लोकसभा क्षेत्र में चुनावी गणित जातीय समीकरणों पर टिका रहता है। कासगंज जिले की पटियाली विस क्षेत्र में सपा की साइकिल खूब दौड़ी है। साल 2014 में यहां सपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह यादव को 76260 मत मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह को 76818 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी ने महज 558 वोट अधिक पाकर सपा को रोक पाया था। इससे पहले साल 2009 में निर्दलीय कल्याण सिंह को 31749 और बसपा के देवेंद्र सिंह यादव को 24745 वोट मिले थे। चूंकि कल्याण सिंह सपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर मैदान थे, फिर भी छह हजार वोट से ही वो बसपा प्रत्याशी को टक्कर दे सके। साल 2004 के लोकसभा चुनाव में पटियाली विस में सपा के देवेंद्र सिंह को 66561 और भाजपा के अशोक रत्न शाक्य को 32072 वोट मिले। बताया जाता है कि पटियाली विस में यादव मतदाता अच्छे खासे हैं। इसका सीधा फायदा सजातीय प्रत्याशी और पार्टी को मिलता है।
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वहीं अमांपुर विस क्षेत्र में सपा के लिए जीत बड़ी चुनौती होती है। साल 2014 के चुनाव में भाजपा के राजवीर सिंह को 94302 और सपा के देवेंद्र सिंह यादव को 42652 वोट मिले थे। 51 हजार वोटों से सपा यहां पीछे रहे। इससे पहले साल 2009 में भी निर्दलीय कल्याण सिंह को 46783 और बसपा के देवेंद्र सिंह यादव को महज 27528 वोट मिले। साल 2004 में अमांपुर तब सोरों विस क्षेत्र में आता था। क्षेत्र में सपा के देवेंद्र सिंह यादव को 39369 और भाजपा के अशोक रत्न शाक्य को 39019 मत मिले थे। इस क्षेत्र में लोधी और शाक्य मतदाता अच्छी तादाद में है। ऐसे में सपा को कड़ी मेहनत की जरूरत है।
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