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रेल लाइन विद्युतीकरण का काम 80 प्रतिशत पूर्ण
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:25 PM IST
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railway track
- फोटो : demo
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कासगंज। जंक्शन रेलवे स्टेशन से जल्द ही फर्राटे के बीच सफर सुहाना होगा। लंबी दूरी कम समय में तय हो सकेगी। कासगंज-मथुरा के बीच रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य 80 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। इस ट्रैक पर मार्च से इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ेगा। हालांकि कासगंज-कानपुर के बीच अभी भी विद्युतीकरण के कार्य में ढिलाई बरती जा रही है।
कासगंज से मथुरा एवं कानपुर के बीच रेल लाइन विद्युतीकरण को दो साल पहले रेल बजट में मंजूरी मिली थी। उस समय लक्ष्य तय किया गया था कि वित्तीय वर्ष 2019 तक हर हाल में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए। इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। काम समय रहते पूरा हो इसके लिए कार्य का जिम्मा रेलवे की कार्यदायी दो संस्थाओं को सौंपा।
जिसमें कासगंज से मथुरा के बीच इरकॉन संस्था और कासगंज से कानपुर के बीच रेल विकास निगम को काम पूरा करना है। शुरूआत से ही इरकॉन ने काम में तेजी दिखाई, लेकिन रेल विकास निगम का कार्य धीमी गति से हुआ। इज्जत नगर रेल मंडल के डीआरएम पिछले दिनों मथुरा तक निरीक्षण किया तो पाया कि काम काफी हद तक पूरा है।
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हाल ही में डीआरएम ने इरकॉन संस्था के अधिकारियों को बुलाकर पत्रावलियां देखीं और कार्य की समीक्षा की। पाया गया कि कासगंज-मथुरा के बीच 80 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया है। रेलवे का दावा है कि मार्च 2019 तक कासगंज-मथुरा के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाई जा सकेंगी। इसके बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। हालांकि अभी तक कासगंज-कानपुर रेलमार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य धीमी गति से हो रहा है।
यह है ट्रेनों की स्थिति
कासगंज। कासगंज-कानपुर के बीच दो दैनिक सुपरफास्ट ट्रेनें हैं। इस ट्रैक पर 5 साप्ताहिक सुपरफास्ट और 7 दैनिक एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। कासगंज से मथुरा के बीच तीन जोड़ी सवारी गाड़ियां हैं।
पावर स्टेशन का कार्य भी तेजी पर
कासगंज। जंक्शन रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण रेल लाइन का विद्युत उपकेंद्र बनाया जा रहा है। इस उपकेंद्र पर काम लगभग पूर्णत: की ओर है। जनवरी तक कार्यदायी संस्था उपकेंद्र को रेलवे के हवाले कर देगी।
- मार्च 2019 तक कासगंज-मथुरा के बीच रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होगा। मार्च में इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ा दिया जाएगा। 80 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है। अधिकारी साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं- राजेंद्र सिंह पीआरओ।
कासगंज से मथुरा एवं कानपुर के बीच रेल लाइन विद्युतीकरण को दो साल पहले रेल बजट में मंजूरी मिली थी। उस समय लक्ष्य तय किया गया था कि वित्तीय वर्ष 2019 तक हर हाल में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए। इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। काम समय रहते पूरा हो इसके लिए कार्य का जिम्मा रेलवे की कार्यदायी दो संस्थाओं को सौंपा।
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जिसमें कासगंज से मथुरा के बीच इरकॉन संस्था और कासगंज से कानपुर के बीच रेल विकास निगम को काम पूरा करना है। शुरूआत से ही इरकॉन ने काम में तेजी दिखाई, लेकिन रेल विकास निगम का कार्य धीमी गति से हुआ। इज्जत नगर रेल मंडल के डीआरएम पिछले दिनों मथुरा तक निरीक्षण किया तो पाया कि काम काफी हद तक पूरा है।
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हाल ही में डीआरएम ने इरकॉन संस्था के अधिकारियों को बुलाकर पत्रावलियां देखीं और कार्य की समीक्षा की। पाया गया कि कासगंज-मथुरा के बीच 80 प्रतिशत तक काम पूरा कर लिया है। रेलवे का दावा है कि मार्च 2019 तक कासगंज-मथुरा के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाई जा सकेंगी। इसके बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। हालांकि अभी तक कासगंज-कानपुर रेलमार्ग पर विद्युतीकरण का कार्य धीमी गति से हो रहा है।
यह है ट्रेनों की स्थिति
कासगंज। कासगंज-कानपुर के बीच दो दैनिक सुपरफास्ट ट्रेनें हैं। इस ट्रैक पर 5 साप्ताहिक सुपरफास्ट और 7 दैनिक एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। कासगंज से मथुरा के बीच तीन जोड़ी सवारी गाड़ियां हैं।
पावर स्टेशन का कार्य भी तेजी पर
कासगंज। जंक्शन रेलवे स्टेशन पर विद्युतीकरण रेल लाइन का विद्युत उपकेंद्र बनाया जा रहा है। इस उपकेंद्र पर काम लगभग पूर्णत: की ओर है। जनवरी तक कार्यदायी संस्था उपकेंद्र को रेलवे के हवाले कर देगी।
- मार्च 2019 तक कासगंज-मथुरा के बीच रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पूरा होगा। मार्च में इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ा दिया जाएगा। 80 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है। अधिकारी साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं- राजेंद्र सिंह पीआरओ।