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गेंदा किसानों पर बरसी मां लक्ष्मी की कृपा
Updated Tue, 06 Nov 2018 10:14 PM IST
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गेंदा की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली पर्व पर किसानों की भी किस्मत चमक उठी है। फूलों की बढ़ती मांग से खेतों की माटी महक उठी। बाजार में गेंदा फूल की जमकर बिक्री हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल किसानों ने गेंदा की फसल में अधिक रुचि ली है।
पर्व पर भगवान श्रीगणेश की पूजा में गेंदा फूल का विशेष महत्व माना गया है। 5 दिवसीय इस पर्व पर गेंदा के फूल की मांग बढ़ जाती है। दीपावली पर्व पर तैयार हुई गेंदा फूल की खेती से खेत खिल उठे हैं। किसानों ने गेंदा का फूल बाजारों तक पहुंचा दिया है। लोग गेंदा फूल की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। घरों में मंदिरों को भी फूलों से सजाया गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेंदा की खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। उद्यान विभाग के मुताबिक पिछले साल 5 हजार हेक्टेयर में गेंदा की खेती हुई थी। इस साल 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेंदा की खेती हो रही है।
किसानों की बात
- इस खेती से काफी फायदा मिल रहा है। एक बीघा खेती में डेढ़ से दो क्विंटल फूल तैयार हो जाते हैं। जो 8 से 10 हजार रुपये तक बिक्री हो जाते हैं। एक बीघा खेती में लागत 2 से तीन हजार रुपये आती है। मुन्ना लाल, किसान।
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पिछले तीन सालों से गेंदा की खेती कर रहे हैं। दीपावली पर्व पर गेंदा का फूल तैयार हो जाता है और फिर बाजार में इसकी जमकर बिक्री होती है। यह फसल जब तैयार होती है उस समय प्राकृतिक आपदाओं का कहर नहीं होता है। रामप्रकाश, किसान
- 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार हुई फसल।
- 600 से अधिक किसान हो रहे लाभान्वित।
- 2 हजार क्विंटल औसतन होती है फूल की बिक्री।
- 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल थोक में बिक रहे फूल।
- 60 से 80 रुपेय प्रति किलो हो रही फुटकर बिक्री।
- फूलों की खेती किसानों और खेतों के लिए बेहद फायदेमंद है। किसान एक एकड़ में 8 से 10 क्विंटल फूल की पैदावार प्राप्त कर लेते हैं। इसमें लागत की सापेक्ष आमदनी बेहतर है। राजकुमार, उपनिदेशक, आत्मा योजना।
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दिवाली पर्व पर किसानों की भी किस्मत चमक उठी है। फूलों की बढ़ती मांग से खेतों की माटी महक उठी। बाजार में गेंदा फूल की जमकर बिक्री हो रही है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल किसानों ने गेंदा की फसल में अधिक रुचि ली है।
पर्व पर भगवान श्रीगणेश की पूजा में गेंदा फूल का विशेष महत्व माना गया है। 5 दिवसीय इस पर्व पर गेंदा के फूल की मांग बढ़ जाती है। दीपावली पर्व पर तैयार हुई गेंदा फूल की खेती से खेत खिल उठे हैं। किसानों ने गेंदा का फूल बाजारों तक पहुंचा दिया है। लोग गेंदा फूल की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। घरों में मंदिरों को भी फूलों से सजाया गया है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेंदा की खेती का क्षेत्रफल बढ़ गया है। उद्यान विभाग के मुताबिक पिछले साल 5 हजार हेक्टेयर में गेंदा की खेती हुई थी। इस साल 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेंदा की खेती हो रही है।
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किसानों की बात
- इस खेती से काफी फायदा मिल रहा है। एक बीघा खेती में डेढ़ से दो क्विंटल फूल तैयार हो जाते हैं। जो 8 से 10 हजार रुपये तक बिक्री हो जाते हैं। एक बीघा खेती में लागत 2 से तीन हजार रुपये आती है। मुन्ना लाल, किसान।
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पिछले तीन सालों से गेंदा की खेती कर रहे हैं। दीपावली पर्व पर गेंदा का फूल तैयार हो जाता है और फिर बाजार में इसकी जमकर बिक्री होती है। यह फसल जब तैयार होती है उस समय प्राकृतिक आपदाओं का कहर नहीं होता है। रामप्रकाश, किसान
- 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार हुई फसल।
- 600 से अधिक किसान हो रहे लाभान्वित।
- 2 हजार क्विंटल औसतन होती है फूल की बिक्री।
- 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल थोक में बिक रहे फूल।
- 60 से 80 रुपेय प्रति किलो हो रही फुटकर बिक्री।
- फूलों की खेती किसानों और खेतों के लिए बेहद फायदेमंद है। किसान एक एकड़ में 8 से 10 क्विंटल फूल की पैदावार प्राप्त कर लेते हैं। इसमें लागत की सापेक्ष आमदनी बेहतर है। राजकुमार, उपनिदेशक, आत्मा योजना।