{"_id":"5b6c70014f1c1b8f3e8b5e2a","slug":"111533833217-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूनियर हाईस्कूल की हिंदी की पुस्तकों में सोरों को दर्शाया तुलसी जन्मभूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनियर हाईस्कूल की हिंदी की पुस्तकों में सोरों को दर्शाया तुलसी जन्मभूमि
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल की हिंदी की पुस्तकों में सोरों को दर्शाया तुलसी जन्मभूमि
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोरों। जूनियर हाईस्कूल की हिंदी की सरकारी पुस्तक में तुलसी जन्मभूमि सोरों दर्शाने पर साहित्य प्रेमियों ने हर्ष जताया। पहले पुस्तक में लिखा आता था कि कुछ विद्वान राजापुर को तो कुछ विद्वान सोरों को तुलसी जन्मभूमि मानते हैं। इस संबंध में तीर्थनगरी की कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से योगी सरकार को ज्ञापन भेजकर सरकारी पुस्तकों में सोरों को तुलसी जन्मभूमि स्पष्ट रूप से लिखने के प्रमाण सहित ज्ञापन दिए गए थे।
इस सत्र से कक्षा सात की हिंदी की सरकारी पुस्तक में तुलसी जन्मभूमि सोरों, कासगंज लिखा गया है। इससे संत तुलसीदास नगर विकास समिति के ने बैठक कर हर्ष जताया है। अध्यक्षता करते हुए डा. प्रभाकर पाराशरी ने कहा कि तुलसी का गर्भगृह, उनके गुरू नरहरि की पाठशाला, रत्नावली का बदरिया स्थित मायके का घर आदि अकाट्य प्रमाण तीर्थनगरी में मौजूद हैं। इससे कहा जा सकता है कि तीर्थ नगरी सोरों ही तुलसीदास की जन्मस्थली है। पुस्तकों में अब बच्चों को तीर्थनगरी को ही तुलसी जन्म स्थली पढ़ाया जाएगा। बैठक में डा. राधाकृष्ण दीक्षित, श्रीभगवान पाराशर, प्रदीप उपाध्याय, श्रीकांत तिवारी, पवन उपाध्याय, गौरव दुबे आदि ने हर्ष जताया।
इस सत्र से कक्षा सात की हिंदी की सरकारी पुस्तक में तुलसी जन्मभूमि सोरों, कासगंज लिखा गया है। इससे संत तुलसीदास नगर विकास समिति के ने बैठक कर हर्ष जताया है। अध्यक्षता करते हुए डा. प्रभाकर पाराशरी ने कहा कि तुलसी का गर्भगृह, उनके गुरू नरहरि की पाठशाला, रत्नावली का बदरिया स्थित मायके का घर आदि अकाट्य प्रमाण तीर्थनगरी में मौजूद हैं। इससे कहा जा सकता है कि तीर्थ नगरी सोरों ही तुलसीदास की जन्मस्थली है। पुस्तकों में अब बच्चों को तीर्थनगरी को ही तुलसी जन्म स्थली पढ़ाया जाएगा। बैठक में डा. राधाकृष्ण दीक्षित, श्रीभगवान पाराशर, प्रदीप उपाध्याय, श्रीकांत तिवारी, पवन उपाध्याय, गौरव दुबे आदि ने हर्ष जताया।
विज्ञापन