{"_id":"5a47d52e4f1c1b1f168b61c7","slug":"111514657070-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चूड़ी के कार्य में महिलाओं का हो रहा सर्वाधिक उत्पीड़न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चूड़ी के कार्य में महिलाओं का हो रहा सर्वाधिक उत्पीड़न
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
चूड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। चूड़ी जुड़ाई कामगार यूनियन की बैठक कटरा पठानान स्थित कार्यालय पर कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें महिला उत्पीड़न की समस्या प्रमुखता से उठी।
मंत्री महेशचंद्र शंखवार ने कहा कि चूड़ी जुड़ाई कार्य में लगी महिलाओं का सर्वाधिक उत्पीड़न हो रहा है। चूड़ी सधाई का उन्हें पांच रुपया तोड़ा की दर से मजदूरी मिलती है। वह आठ घंटे कार्य करने पर 20 तोड़ा सधाई करने पर मात्र सौ रुपये का कार्य होता है। इसमें मिट्टी तेल एक रुपया प्रति तोड़ा निकालने के बाद 80 रुपये मजदूरी मिल पाती है। जबकि अर्द्धकुशल श्रेणी के श्रमिक की मजदूरी 289.40 रुपये होती है।
भाजपा सरकार महिला उत्पीड़न रोकने को तमाम योजनाएं चला रही है। फिरोजाबाद में सदर विधायक, महापौर व कई महिला पार्षद चुने जाने के बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। चूड़ी कार्य में लगी महिलाएं शोषण का शिकार हैं। श्याम सिंह ने कहा कि सेवायोजकों की मनमानी से महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है। बैठक में अनिल कुमार, हाकिम सिंह, मनोज कुमार, छत्रपाल, धीरज कुमार, दीवान सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्री महेशचंद्र शंखवार ने कहा कि चूड़ी जुड़ाई कार्य में लगी महिलाओं का सर्वाधिक उत्पीड़न हो रहा है। चूड़ी सधाई का उन्हें पांच रुपया तोड़ा की दर से मजदूरी मिलती है। वह आठ घंटे कार्य करने पर 20 तोड़ा सधाई करने पर मात्र सौ रुपये का कार्य होता है। इसमें मिट्टी तेल एक रुपया प्रति तोड़ा निकालने के बाद 80 रुपये मजदूरी मिल पाती है। जबकि अर्द्धकुशल श्रेणी के श्रमिक की मजदूरी 289.40 रुपये होती है।
विज्ञापन
भाजपा सरकार महिला उत्पीड़न रोकने को तमाम योजनाएं चला रही है। फिरोजाबाद में सदर विधायक, महापौर व कई महिला पार्षद चुने जाने के बाद भी इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। चूड़ी कार्य में लगी महिलाएं शोषण का शिकार हैं। श्याम सिंह ने कहा कि सेवायोजकों की मनमानी से महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है। बैठक में अनिल कुमार, हाकिम सिंह, मनोज कुमार, छत्रपाल, धीरज कुमार, दीवान सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन