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अस्पताल में न टाइफाइड किट और न ही एंटी रैबीज
Updated Sat, 16 Dec 2017 11:05 PM IST
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hospital
- फोटो : amar ujala
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कासगंज। मौसम में ठंड बढ़ते ही मरीजों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुविधाएं न होने से लोग परेशान हैं। मरीजों को अपना इलाज कराने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज कराने को निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है।
मौसम का असर लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित कर रहा है। इस समय वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी, टाइफाइड आदि के मामले काफी बढ़ गए है। 300 से 400 मरीज तक अस्पताल पर पहुंच रहे हैं। लेकिन जिला अस्पताल के स्थानांतरण के बाद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बदहाल हो गई है। अस्पताल पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। खांसी का सीरप तो काफी समय से नहीं हैं। कुत्ता व बंदर काटने के मामले लेकर पहुंचने वाले मरीजों का एंटी रेबीज इंजेक्शन भी नहीं लग पा रहे। अस्पताल की लैब पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। टाइफाइड एवं ब्लड ग्रुप जांच की किट काफी समय से नहीं है।
इसके अलावा लैब में सीरम मशीन तक की व्यवस्था नहीं है। लंबी प्रतीक्षा के बाद लैब में लिखी गई जांच कराने को पहुंचता है तो उसे वहां किट ने होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। मरीजों को दवा घर से भी पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पाती। खांसी के मरीजों के लिए सीरप तक नहीं मिल पा रहा। जिससे वे मायूस हो जाते हैं। युवक जवाहर ने बताया कि वह अपने भतीजे को बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल लेकर आया। चिकित्सकों ने मलेरिया, टाइफाइड की जांच कराने को लिखा, लेकिन लैब पर टाइफाइड जांच की किट न होने की जानकारी दी गई। संतोष ने बताया कि उसको बंदर ने काट लिया, लेकिन अस्पताल पर एंटीरेबीज इंजेक्शन न होने की जानकारी दी गई।
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ठंड में बरतें सावधानी
-शरीर को ठंड से बचाएं
-बच्चों व बुजुगों को आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर भेजे
-बुखार आने पर लापरवाही न बरतें तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
जनपद में दवाओं की कोई कमी नहीं है। जिला अस्पताल पर सभी प्रकार की दवाओं एवं जांच की व्यवस्था है। स्वास्थ्य केंद्र से डिमांड आने पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी- डा. रंगजी दुबे सीएमओ
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मौसम का असर लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित कर रहा है। इस समय वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, खांसी, टाइफाइड आदि के मामले काफी बढ़ गए है। 300 से 400 मरीज तक अस्पताल पर पहुंच रहे हैं। लेकिन जिला अस्पताल के स्थानांतरण के बाद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बदहाल हो गई है। अस्पताल पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। खांसी का सीरप तो काफी समय से नहीं हैं। कुत्ता व बंदर काटने के मामले लेकर पहुंचने वाले मरीजों का एंटी रेबीज इंजेक्शन भी नहीं लग पा रहे। अस्पताल की लैब पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं है। टाइफाइड एवं ब्लड ग्रुप जांच की किट काफी समय से नहीं है।
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इसके अलावा लैब में सीरम मशीन तक की व्यवस्था नहीं है। लंबी प्रतीक्षा के बाद लैब में लिखी गई जांच कराने को पहुंचता है तो उसे वहां किट ने होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। मरीजों को दवा घर से भी पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पाती। खांसी के मरीजों के लिए सीरप तक नहीं मिल पा रहा। जिससे वे मायूस हो जाते हैं। युवक जवाहर ने बताया कि वह अपने भतीजे को बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल लेकर आया। चिकित्सकों ने मलेरिया, टाइफाइड की जांच कराने को लिखा, लेकिन लैब पर टाइफाइड जांच की किट न होने की जानकारी दी गई। संतोष ने बताया कि उसको बंदर ने काट लिया, लेकिन अस्पताल पर एंटीरेबीज इंजेक्शन न होने की जानकारी दी गई।
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ठंड में बरतें सावधानी
-शरीर को ठंड से बचाएं
-बच्चों व बुजुगों को आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर भेजे
-बुखार आने पर लापरवाही न बरतें तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
जनपद में दवाओं की कोई कमी नहीं है। जिला अस्पताल पर सभी प्रकार की दवाओं एवं जांच की व्यवस्था है। स्वास्थ्य केंद्र से डिमांड आने पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी- डा. रंगजी दुबे सीएमओ