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गिरिराज जी पर चढ़ने वाले दूध को बनाएंगे उपयोगी
Updated Sat, 07 Oct 2017 07:53 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र
- फोटो : demo
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गोवर्धन (मथुरा)। गिरिराज शिला पर चढ़ने वाले दूध का रिसाइकिल कर उसे उपयोगी बनाया जाएगा। इसके लिए शनिवार को राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) नागपुर के वैज्ञानिक गोवर्धन पहुंचे। यहां चढ़ने वाले दूध का नमूना लिया और विक्रेताओं से बात की। नीरी वैज्ञानिक योगेंद्र पाकड़े एवं लखनऊ से आए पीएस ओझा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दानघाटी मंदिर के सामने बिक्री किए जा रहे दूध के नमूने लिए। नीरी के वैज्ञानिक डॉ. योगेंद्र पाकडे ने बताया कि कम लागत का प्रयोग कर इस चढ़ावे के दूध को उपयोग में लाने के लिए रिसर्च की जा रही है। आस्था में श्रद्धालु दूध चढ़ाते हैं लेकिन उनका प्रयास है कि चढ़ावे के दूध से होने वाली गंदगी को रोका जाए जिससे कि गिरिराज जी की तलहटी को स्वच्छ बनाया जा सके। टीम ने मानसी गंगा के सीवेज प्लांट का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोवर्धन डीपी सिंह, नायब तहसीलदार अजय कुमार यादव, सफाई निरीक्षक नगर पंचायत गोवर्धन नानक सिंह, मोहन श्याम गुप्ता आदि थे।
शासन ने गठित की है टीम
मथुरा। गोवर्धन और राधाकुुंड को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। टीम के सदस्य पीएस ओझा ने बताया कि वैज्ञानिकों ने गिरिराज जी पर चढ़ने वाले दुग्ध और सीवर प्लांट के पानी के नमूने लिए। सरकार को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
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शासन ने गठित की है टीम
मथुरा। गोवर्धन और राधाकुुंड को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। टीम के सदस्य पीएस ओझा ने बताया कि वैज्ञानिकों ने गिरिराज जी पर चढ़ने वाले दुग्ध और सीवर प्लांट के पानी के नमूने लिए। सरकार को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
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