{"_id":"59724aea4f1c1bf16e8b4616","slug":"111500662506-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विधायक हैं लेकिन घर जर्जर है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विधायक हैं लेकिन घर जर्जर है
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। फिरोजाबाद के एक पूर्व विधायक का परिवार शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते जर्जर भवन में रहने को मजबूर है। पूर्व विधायक के पुत्र ने डीएम से मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद दिलाने को गुहार लगाई है।
सुहागनगरी के एक पूर्व विधायक मोहम्मद अयूब अपने परिवार के लिए एक छत का भी इंतजाम नहीं कर सके। वर्ष 1974 में मुस्लिम लीग पार्टी से मोहम्मद अयूब विधायक चुने गए थे। उस समय विधायक जनता की सेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य मानते थे।
जनता की सेवा के चलते मोहम्मद अयूब अपने परिवार के लिए रहने तक का इंतजाम नहीं कर सके। झमैया टोला निवासी पूर्व विधायक के पुत्र जफरूल हुदा कारखाने में मजदूरी कर परिवार का भरणपोषण कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि उनके पिता का काफी पुराना मकान है, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात के मौसम में मकान में पानी भर जाता है, जिससे मकान गिरने की आशंका से परिवार के लोग दहशत में हैं। मजबूरी में जर्जर हाल में दिन गुजारने को मजबूर हैं। डीएम को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
सुहागनगरी के एक पूर्व विधायक मोहम्मद अयूब अपने परिवार के लिए एक छत का भी इंतजाम नहीं कर सके। वर्ष 1974 में मुस्लिम लीग पार्टी से मोहम्मद अयूब विधायक चुने गए थे। उस समय विधायक जनता की सेवा को ही अपने जीवन का उद्देश्य मानते थे।
विज्ञापन
जनता की सेवा के चलते मोहम्मद अयूब अपने परिवार के लिए रहने तक का इंतजाम नहीं कर सके। झमैया टोला निवासी पूर्व विधायक के पुत्र जफरूल हुदा कारखाने में मजदूरी कर परिवार का भरणपोषण कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि उनके पिता का काफी पुराना मकान है, जो पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात के मौसम में मकान में पानी भर जाता है, जिससे मकान गिरने की आशंका से परिवार के लोग दहशत में हैं। मजबूरी में जर्जर हाल में दिन गुजारने को मजबूर हैं। डीएम को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद दिलाने की मांग की है।