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जीएसटी का विरोध पड़ा ठंडा, बाजार खुला
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:34 PM IST
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कपड़ा बाजार खुला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। जीएसटी का विरोध धीरे-धीरे ठंडा पड़ता जा रहा है। यही कारण है कि पिछले कई दिनों से बंद चल रहा कपड़ा बाजार बुधवार को खुल गया। इसके साथ ही लोगों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने एक जुलाई से देशभर में एक साथ जीएसटी लागू किया था। जीएसटी लागू होते ही पहली बार कपड़ा व्यापार को भी टैक्स के दायरे में लाया गया है। इसकी जानकारी होते ही कपड़ा व्यवसाय से जुड़े लोगों में आक्रोश फैल गया।
अन्य व्यापारी जहां प्रदर्शन कर विरोध दर्ज करा रहे थे। वहीं पिछले तीन दिनों से जिलेभर के कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें ही बंद कर दीं थीं। इसके चलते बजाजा बाजार, लेनगंज, आगरा रोड, करहल रोड, कचहरी रोड आदि बाजारों में स्थित कपड़ों की दुकानें बंद चल रहीं थीं।
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परिणामस्वरूप लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बुधवार को कपड़ा व्यापारियों का आक्रोश ठंडा पड़ गया और उन्होंने अपनी दुकानें खोल लीं। हालांकि इस संबंध में व्यापारियों का कहना था कि केंद्र सरकार ने कपड़ा व्यापार को जीएसटी के दायरे में लाकर अच्छा नहीं किया है। वहीं वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने हेल्प डेस्क खोलकर व्यापारियों को जीएसटी के बारे में बताना शुरू कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने एक जुलाई से देशभर में एक साथ जीएसटी लागू किया था। जीएसटी लागू होते ही पहली बार कपड़ा व्यापार को भी टैक्स के दायरे में लाया गया है। इसकी जानकारी होते ही कपड़ा व्यवसाय से जुड़े लोगों में आक्रोश फैल गया।
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अन्य व्यापारी जहां प्रदर्शन कर विरोध दर्ज करा रहे थे। वहीं पिछले तीन दिनों से जिलेभर के कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें ही बंद कर दीं थीं। इसके चलते बजाजा बाजार, लेनगंज, आगरा रोड, करहल रोड, कचहरी रोड आदि बाजारों में स्थित कपड़ों की दुकानें बंद चल रहीं थीं।
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परिणामस्वरूप लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बुधवार को कपड़ा व्यापारियों का आक्रोश ठंडा पड़ गया और उन्होंने अपनी दुकानें खोल लीं। हालांकि इस संबंध में व्यापारियों का कहना था कि केंद्र सरकार ने कपड़ा व्यापार को जीएसटी के दायरे में लाकर अच्छा नहीं किया है। वहीं वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों ने हेल्प डेस्क खोलकर व्यापारियों को जीएसटी के बारे में बताना शुरू कर दिया।