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डा. भीमराव अंबेडकर विवि के 111 कालेजों को ग्रांट नहीं
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:24 AM IST
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अंबेडकर विवि
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ 111 निजी कालेजों को नहीं मिल सकेगा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के इन कालेजों ने ऑल इंडिया हायर एजूकेशन सर्वे के तहत डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। 2014-15 सत्र के 652 कालेजों में से 541 ने ही डाटा जमा कराया।
मंत्रालय ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) शुरू किया है। इसमें देशभर के डिग्री कालेजों से कोर्स, छात्र, शिक्षक, रिजल्ट, कालेज में कमरों की संख्या, लैब, मैदान, आय-व्यय जैसी तमाम जानकारी थीं। ऑनलाइन इसका विवरण दर्ज कराना था। शैक्षणिक गुणवत्ता के मानकों को पूरा करने वाले कालेजों को 5-20 लाख रुपये तक की ग्रांट दी जाती। इसमें बेटियों के लिए रोजगारपरक शिक्षा, शौचालय, पुस्तकालय, लैब समेत कई योजनाओं के लिए मंत्रालय बजट मुहैया कराता। इसमें 111 कालेजों ने जानकारी नहीं दी। अधिकांश कालेज एटा, मैनपुरी और फीरोजाबाद के हैं। आगरा में नोडल प्रभारी डा. मनोज उपाध्याय ने बताया कि ये कालेज न सिर्फ ग्रांट से वंचित रहेंगे बल्कि केंद्र सरकार की उच्च शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का लाभ भी नहीं उठा पाएंगे।
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मंत्रालय ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) शुरू किया है। इसमें देशभर के डिग्री कालेजों से कोर्स, छात्र, शिक्षक, रिजल्ट, कालेज में कमरों की संख्या, लैब, मैदान, आय-व्यय जैसी तमाम जानकारी थीं। ऑनलाइन इसका विवरण दर्ज कराना था। शैक्षणिक गुणवत्ता के मानकों को पूरा करने वाले कालेजों को 5-20 लाख रुपये तक की ग्रांट दी जाती। इसमें बेटियों के लिए रोजगारपरक शिक्षा, शौचालय, पुस्तकालय, लैब समेत कई योजनाओं के लिए मंत्रालय बजट मुहैया कराता। इसमें 111 कालेजों ने जानकारी नहीं दी। अधिकांश कालेज एटा, मैनपुरी और फीरोजाबाद के हैं। आगरा में नोडल प्रभारी डा. मनोज उपाध्याय ने बताया कि ये कालेज न सिर्फ ग्रांट से वंचित रहेंगे बल्कि केंद्र सरकार की उच्च शिक्षा से जुड़ी कई योजनाओं का लाभ भी नहीं उठा पाएंगे।
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