{"_id":"612d1d758ebc3e79d63ac438","slug":"11-patients-were-sent-to-phc-on-monday-from-nagla-moonj-mainpuri-news-agr505643282","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगला मूंज से सोमवार को 11 मरीज पीएचसी भेजे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगला मूंज से सोमवार को 11 मरीज पीएचसी भेजे गए
विज्ञापन
बरनाहल के नगला मूंज में घर पर लेटे मरीजों देखते डॉक्टर रविदीप सिंह
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौरमई (मैनपुरी)। क्षेत्र के गांव नगला मूंज में वायरल बुखार के मरीजों के उपचार के लिए दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेरा डाले रहीं। बुखार से पीड़ित गांव के 11 मरीजों को आराम न मिलने पर पीएचसी बरनाहल पर भर्ती कराया गया है। सीएमओ ने गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज सैफई भेजने के निर्देश दिए हैं।
बरनाहल क्षेत्र के गांव नगला मूंज में 200 से अधिक लोग बुखार की चपेट में थे। जिन्हें पिछले दो दिनों से लगातार उपचार दिया जा रहा है। रविवार को जहां सीएमओ डॉ. पीपी सिंह तीन टीमों के साथ गांव पहुंचे थे। वहीं सोमवार को भी प्रभारी चिकित्साधिकारी बरनाहल डॉ. रविदीप सिंह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और गांव के लोगों को उपचार दिया। सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने डॉ. रविदीप सिंह से गांव के हालातों की जानकारी ली। सीएमओ ने निर्देश दिए कि जो भी मरीज गंभीर हैं उनके उपचार में लापरवाही न की जाए। जो लोग अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं उन्हें पीएचसी पर भर्ती कर उपचार दिया जाए। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज सैफई भेजा जाए।
डॉ. रविदीप सिंह ने 11 मरीजों को शिविर में आराम न मिलने पर उपचार के लिए पीएचसी बरनाहल भेजा। गांव में दूसरे दिन 34 लोगों की जांच कराई गई। अभी तक सरकारी जांच में किसी भी मरीज को डेंगू या मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। डॉ. रविदीप सिंह के अनुसार गांव के लोग वायरल और टाइफाइड की चपेट में हैं।
विज्ञापन
सोमवार को एसडीएम करहल अनिल कुमार कटियार गांव नगला मूंज पहुंचे। यहां उन्होंने गांव की नालियों की सफाई कराई। गांव में जलभराव वाले स्थानों और नालियों में दवा भी डलवाई। ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव की सलाह दी। एसडीएम ने कहा कि बच्चों को फुल बाजू के कपड़े पहनाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के पास पानी एकत्रित न होने दें।
विज्ञापन
बरनाहल क्षेत्र के गांव नगला मूंज में 200 से अधिक लोग बुखार की चपेट में थे। जिन्हें पिछले दो दिनों से लगातार उपचार दिया जा रहा है। रविवार को जहां सीएमओ डॉ. पीपी सिंह तीन टीमों के साथ गांव पहुंचे थे। वहीं सोमवार को भी प्रभारी चिकित्साधिकारी बरनाहल डॉ. रविदीप सिंह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और गांव के लोगों को उपचार दिया। सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने डॉ. रविदीप सिंह से गांव के हालातों की जानकारी ली। सीएमओ ने निर्देश दिए कि जो भी मरीज गंभीर हैं उनके उपचार में लापरवाही न की जाए। जो लोग अस्पताल में भर्ती होना चाहते हैं उन्हें पीएचसी पर भर्ती कर उपचार दिया जाए। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज सैफई भेजा जाए।
विज्ञापन
डॉ. रविदीप सिंह ने 11 मरीजों को शिविर में आराम न मिलने पर उपचार के लिए पीएचसी बरनाहल भेजा। गांव में दूसरे दिन 34 लोगों की जांच कराई गई। अभी तक सरकारी जांच में किसी भी मरीज को डेंगू या मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। डॉ. रविदीप सिंह के अनुसार गांव के लोग वायरल और टाइफाइड की चपेट में हैं।
विज्ञापन
सोमवार को एसडीएम करहल अनिल कुमार कटियार गांव नगला मूंज पहुंचे। यहां उन्होंने गांव की नालियों की सफाई कराई। गांव में जलभराव वाले स्थानों और नालियों में दवा भी डलवाई। ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव की सलाह दी। एसडीएम ने कहा कि बच्चों को फुल बाजू के कपड़े पहनाएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के पास पानी एकत्रित न होने दें।