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ई-कुबेर ने रोका 1500 कर्मियों का वेतन
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मैनपुरी। नए सॉफ्टवेयर ने माध्यमिक शिक्षकों के वेतन पर संकट खड़ा कर दिया है। दो माह से वेतन न मिलने से शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। लाख कोशिशों के बाद भी शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अटका हुआ है। अब उनका सब्र जवाब देने लगा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में कर्मचारी व शिक्षक मिलाकर लगभग डेढ़ हजार लोग कार्यरत हैं। इन शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा काम तो किया जा रहा है, लेकिन दो माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इसके पीछे नया सॉफ्टवेयर बाधा बन रहा है।
बताते चलें कि पहले एमआईएस सॉफ्टवेयर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारियों का भुगतान किया जाता था। वहीं अब शासन ने ई-कुबेर सॉफ्टवेयर लांच किया है, जो सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लिंक है।
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इस सॉफ्टवेयर में शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन फीड किया जा रहा है। इसके बाद ही शिक्षकों का भुगतान हो सकेगा। वहीं दो माह का वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।
एक माह वेतन न मिलने पर तो उन्होंने किसी तरह काम चला लिया, लेकिन अब दूसरे माह का वेतन न मिलना उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर रहा है। वेतन ने नए साल का जश्न भी फीका कर दिया है। अब शिक्षकों को वेतन मिलने का इंतजार है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में कर्मचारी व शिक्षक मिलाकर लगभग डेढ़ हजार लोग कार्यरत हैं। इन शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा काम तो किया जा रहा है, लेकिन दो माह से उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इसके पीछे नया सॉफ्टवेयर बाधा बन रहा है।
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बताते चलें कि पहले एमआईएस सॉफ्टवेयर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारियों का भुगतान किया जाता था। वहीं अब शासन ने ई-कुबेर सॉफ्टवेयर लांच किया है, जो सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लिंक है।
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इस सॉफ्टवेयर में शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन फीड किया जा रहा है। इसके बाद ही शिक्षकों का भुगतान हो सकेगा। वहीं दो माह का वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।
एक माह वेतन न मिलने पर तो उन्होंने किसी तरह काम चला लिया, लेकिन अब दूसरे माह का वेतन न मिलना उनके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर रहा है। वेतन ने नए साल का जश्न भी फीका कर दिया है। अब शिक्षकों को वेतन मिलने का इंतजार है।