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बुखार से एक और किशोर की मौत
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जिले में जानलेवा बने संक्रामक रोगों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। बुखार से पीड़ित होकर लगातार मौते हो रही है, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग यह तय नहीं कर पाया है कि जनपद में कौन सा बुखार फैल रहा है। सिढ़पुरा क्षेत्र के नगला महराम में एक किशोर की बुखार से मौत हो गई। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
सुमित (16) पुत्र हंसराज निवासी शमसाबाद फर्रुखाबाद चार दिन पहले अपनी बहन को उसकी ससुराल नगला महराम में छोडने के लिए आया था। अगले दिन उसे अचानक बुखार आ गया। उसे क्षेत्र के ही निजी चिकित्सक को दिखाया गया। शुक्रवार को जब उसकी हालत अधिक खराब हो गई तो उसके बहनोई जितेंद्र व अन्य परिवारीजन उसे एटा ले जा रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जब परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत होते ही परिवारीजन चीत्कार कर उठे। परिवारीजन उसके शव को शमसाबाद ले गए। जिले में बुखार से अब तक 12 जानें जा चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग यह निर्धारित नहीं कर पाया है कि ये मौतें किस बुखार से हो रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिभा श्रीवास्तव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर पीड़ितों का उपचार कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जनपद में कौन सा बुखार है जो मौत का कारण बन रहा है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक की पत्नी को हुआ डेंगू
एटा। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक की पत्नी को डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं जेल में एक के बाद एक कर दो डेंगू मरीजों के मिलने पर फॉगिंग कराई गई। साथ ही18 बंदियों की किट के माध्यम से जांच भी कीव गई, जिनमें एक बंदी को मलेरिया निकला है।
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जिला अस्पताल में तैनात डा. राहुल सक्सेना की पत्नी सुप्रिया हल्के बुखार से कई दिनों से परेशान थी जिनकी शुक्रवार को जांच कराई गई तो उनको एनएस-वन किट की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, जिला कारागार में शुक्रवार को मलेरिया नियंत्रण टीम ने पहुंचकर फॉगिंग कराई और डेंगू लार्वा का भी छिड़काव कराया है। डा. हर्ष बर्धन ने 18 बंदियों की किट के माध्यम से डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया की भी जांच की। इसमें एक बंदी को मलेरिया पॉजिटिव मिला। डेंगू लार्वा छिड़काव चंद्रवीर सिंह, राहुल गौतम और सुखेश कुमार ने किया। बताते चले कि जेल में बंदी को मलेरिया पॉजिटिव पाया गया था। जिसकी हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सुमित (16) पुत्र हंसराज निवासी शमसाबाद फर्रुखाबाद चार दिन पहले अपनी बहन को उसकी ससुराल नगला महराम में छोडने के लिए आया था। अगले दिन उसे अचानक बुखार आ गया। उसे क्षेत्र के ही निजी चिकित्सक को दिखाया गया। शुक्रवार को जब उसकी हालत अधिक खराब हो गई तो उसके बहनोई जितेंद्र व अन्य परिवारीजन उसे एटा ले जा रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जब परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत होते ही परिवारीजन चीत्कार कर उठे। परिवारीजन उसके शव को शमसाबाद ले गए। जिले में बुखार से अब तक 12 जानें जा चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग यह निर्धारित नहीं कर पाया है कि ये मौतें किस बुखार से हो रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिभा श्रीवास्तव का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर पीड़ितों का उपचार कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जनपद में कौन सा बुखार है जो मौत का कारण बन रहा है।
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जिला अस्पताल के चिकित्सक की पत्नी को हुआ डेंगू
एटा। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक की पत्नी को डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं जेल में एक के बाद एक कर दो डेंगू मरीजों के मिलने पर फॉगिंग कराई गई। साथ ही18 बंदियों की किट के माध्यम से जांच भी कीव गई, जिनमें एक बंदी को मलेरिया निकला है।
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जिला अस्पताल में तैनात डा. राहुल सक्सेना की पत्नी सुप्रिया हल्के बुखार से कई दिनों से परेशान थी जिनकी शुक्रवार को जांच कराई गई तो उनको एनएस-वन किट की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, जिला कारागार में शुक्रवार को मलेरिया नियंत्रण टीम ने पहुंचकर फॉगिंग कराई और डेंगू लार्वा का भी छिड़काव कराया है। डा. हर्ष बर्धन ने 18 बंदियों की किट के माध्यम से डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया की भी जांच की। इसमें एक बंदी को मलेरिया पॉजिटिव मिला। डेंगू लार्वा छिड़काव चंद्रवीर सिंह, राहुल गौतम और सुखेश कुमार ने किया। बताते चले कि जेल में बंदी को मलेरिया पॉजिटिव पाया गया था। जिसकी हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।