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फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने वाले 81 लोगों की बर्खास्तगी का खाका तैयार
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:49 PM IST
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Clean School, Green School Scheme
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। बीएड की फर्जी डिग्री से शिक्षक बनने वाले 81 लोगों के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई का खाका तैयार हो गया है। शिक्षकों द्वारा दिए गए द्वितीय नोटिस के जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं है। अधिकतर शिक्षकों ने जो जवाब पहले नोटिस में दिया था, वही दूसरे नोटिस में दिया है।
अब इनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिस पर जिला समिति कभी भी निर्णय ले सकती है।डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की जांच में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर में शिक्षकों की जांच वर्ष 2017 में कराई थी।
इस जांच में प्रदेश भर में चार हजार से अधिक शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। इसकी जांच एसआईटी ने की थी। एसआईटी द्वारा जारी की गई सूची में मैनपुरी के 81 शिक्षक शामिल थे। दिसंबर 2017 में बीएसए ने इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति के प्रथम नोटिस जारी किए थे।
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इसी बीच वे कोर्ट चले गए और फिर से नौकरी करने लगे। एसआईटी ने कोर्ट में फर्जी शिक्षकों की सारी जानकारी दी तो फिर से कार्रवाई शुरू हो गईं। 25 जुलाई 2018 को इन शिक्षकों को द्वितीय एवं अंतिम बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए थे।
इसमें 15 दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था। शिक्षकों ने इसमें जवाब देने में देरी की। अब सभी शिक्षकों के जवाब प्राप्त हो चुके हैं। विभाग को मिले जवाब में अधिकतर शिक्षकों ने जो पूर्व में जवाब दिया था वही जवाब दोबारा दिया है।
शिक्षक ऑफलाइन जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग इससे सहमत नहीं है। अब विभाग ने उनकी बर्खास्तगी के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जिसे जिला समिति के पास भेजा गया है। किसी भी समय जिला समिति इन शिक्षकों की बर्खास्तगी का निर्णय ले सकती है।
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अब इनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिस पर जिला समिति कभी भी निर्णय ले सकती है।डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की जांच में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर में शिक्षकों की जांच वर्ष 2017 में कराई थी।
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इस जांच में प्रदेश भर में चार हजार से अधिक शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। इसकी जांच एसआईटी ने की थी। एसआईटी द्वारा जारी की गई सूची में मैनपुरी के 81 शिक्षक शामिल थे। दिसंबर 2017 में बीएसए ने इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति के प्रथम नोटिस जारी किए थे।
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इसी बीच वे कोर्ट चले गए और फिर से नौकरी करने लगे। एसआईटी ने कोर्ट में फर्जी शिक्षकों की सारी जानकारी दी तो फिर से कार्रवाई शुरू हो गईं। 25 जुलाई 2018 को इन शिक्षकों को द्वितीय एवं अंतिम बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए थे।
इसमें 15 दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया था। शिक्षकों ने इसमें जवाब देने में देरी की। अब सभी शिक्षकों के जवाब प्राप्त हो चुके हैं। विभाग को मिले जवाब में अधिकतर शिक्षकों ने जो पूर्व में जवाब दिया था वही जवाब दोबारा दिया है।
शिक्षक ऑफलाइन जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग इससे सहमत नहीं है। अब विभाग ने उनकी बर्खास्तगी के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जिसे जिला समिति के पास भेजा गया है। किसी भी समय जिला समिति इन शिक्षकों की बर्खास्तगी का निर्णय ले सकती है।