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चिकित्सा सहायता के रूप में श्रमिकों को मिलेंगे तीन हजार
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:31 PM IST
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फिरोजाबाद। अब सन्निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को अपना और परिजनों का इलाज के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग से तीन हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों की मदद के लिए शासन द्वारा चिकित्सा सहायता योजना प्रारंभ की गई है।
योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को तीन हजार रुपये इलाज के लिए प्रदान किए जाएंगे। सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि विभाग में पंजीकृत प्रत्येक श्रमिक योजना का पात्र होगा। यदि पति, पत्नी व आश्रित पुत्र व पुत्री निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं तो परिवार की इकाई मानकर योजना के तहत एक मुश्त धनराशि का भुगतान किया जाएगा।
लाभार्थी के पास आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक में एकाउंट होना अनिवार्य है। यदि पति-पत्नी दोनों पंजीकृत हैं तो पत्नी का एकाउंट नंबर देना होगा। श्रमिक को अपना मोबाइल नंबर और स्वप्रमाणित आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो अविवाहित हैं, उनके परिवार में अन्य कोई सदस्य नहीं है, उन्हें दो हजार की धनराशि देय होगी।
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सहायक श्रमायुक्त ने कहा है कि समस्त पंजीकृत निर्माण श्रमिक कार्यालय के किसी भी कार्य दिवस में अनिवार्य रूप में उपस्थित होकर योजना का आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। पंजीयन के लिए आवश्यक शर्तों में न्यूनतम 90 दिवस तक भवन, मनरेगा, ईंट भट्टों पर कार्य करना आवश्यक है।
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उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों की मदद के लिए शासन द्वारा चिकित्सा सहायता योजना प्रारंभ की गई है।
योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को तीन हजार रुपये इलाज के लिए प्रदान किए जाएंगे। सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि विभाग में पंजीकृत प्रत्येक श्रमिक योजना का पात्र होगा। यदि पति, पत्नी व आश्रित पुत्र व पुत्री निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं तो परिवार की इकाई मानकर योजना के तहत एक मुश्त धनराशि का भुगतान किया जाएगा।
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लाभार्थी के पास आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक में एकाउंट होना अनिवार्य है। यदि पति-पत्नी दोनों पंजीकृत हैं तो पत्नी का एकाउंट नंबर देना होगा। श्रमिक को अपना मोबाइल नंबर और स्वप्रमाणित आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा। ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो अविवाहित हैं, उनके परिवार में अन्य कोई सदस्य नहीं है, उन्हें दो हजार की धनराशि देय होगी।
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सहायक श्रमायुक्त ने कहा है कि समस्त पंजीकृत निर्माण श्रमिक कार्यालय के किसी भी कार्य दिवस में अनिवार्य रूप में उपस्थित होकर योजना का आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। पंजीयन के लिए आवश्यक शर्तों में न्यूनतम 90 दिवस तक भवन, मनरेगा, ईंट भट्टों पर कार्य करना आवश्यक है।