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तीन हजार से कम वोट मिले, तो जमानत जब्त

Thu, 30 Nov 2017 11:17 PM IST
Updated Thu, 30 Nov 2017 11:17 PM IST
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तीन हजार से कम वोट मिले, तो जमानत जब्त
निकाय चुनाव
एटा। निकाय चुनाव को मतदान हो चुका है। आज मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों की घोषणा भी हो जाएगी। चुनाव लड़ने के बाद प्रत्याशियों को जमानत बचाने की चिंता सता रही है। हार-जीत के समीकरणों को फिट करने के बाद प्रत्याशी इस असमंजस में है कि क्या उनको कुल वोट का छह फीसद मिलेगा या नहीं। अगर जमानत जब्त हो जाती है, तो पैसे के साथ-साथ सम्मान पर भी असर पड़ेगा।
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नामांकन के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी को आठ हजार, नगर पालिका सभासद पद के लिए दो हजार, नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पांच हजार और नगर पंचायत सदस्य के लिए दो हजार रुपये की जमानत राशि देनी होती है। कुल पड़े वोटों का छह फीसदी मिलने पर जमानत राशि वापस कर दी जाती है। निकाय चुनाव में जिले की चार नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के कुल 108 प्रत्याशी मैदान में थे। जबकि सभासद और सदस्य पद पर 665 प्रत्याशियों में मुकाबला हुआ।
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वहीं एटा नगर पालिका को छोड़कर हर निकाय में मतदान का आंकड़ा 60 फीसद के पार गया है और हर सीट पर बड़ी पार्टियों में मुकाबला है। ऐसे में निर्दलीयों की चिंता लाजिमी है।
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एटा नगर पालिका में 50709 मत पड़े हैं और जमानत बचाने के लिए 3043 मतों की जरूरत है। जबकि अध्यक्ष पद पर 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। अलीगंज नगर पालिका में 14848 मतों में से 891 मत पाना 11 प्रत्याशियों के लिए जरूरी है। इसके साथ जलेसर में नगर पालिका में 19426 के सापेक्ष 1166 मत जुटाना 16 प्रत्याशियों के लिए अहम है।

वहीं मारहरा नगर पालिका में 10824 मतों में से कम से कम 695 मतों की 8 प्रत्याशियों को दरकार है। नगर पंचायत की बात करें तो निधौलीकलां में नौ प्रत्याशियों के लिए 4999 में से 300, सकीट में नौ प्रत्याशियों के लिए 4423 में से 266, जैथरा में 24 प्रत्याशियों को 6194 में से 372, अवागढ़ में पांच प्रत्याशियों को 5852 में से 352 और राजा का रामपुर में 13 प्रत्याशियों के लिए 6299 मतों में से कम से कम 378 मतों की दरकार है।


एटा नगर पालिका की बात करें तो यहां सपा, भाजपा और एक निर्दलीय के बीच जंग छिड़ी है, ऐसे में कुछ निर्दलीयों का जमानत बचा पाना मुश्किल दिख रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि आखिर कितने प्रत्याशियों की जमानत बच सकती है।
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