{"_id":"5a05e4864f1c1b71548bc0e3","slug":"101510335622-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयोगात्मक शिक्षा में लापरवाही पर डिबार होंगे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयोगात्मक शिक्षा में लापरवाही पर डिबार होंगे स्कूल
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
Lab
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जनपद में विज्ञान वर्ग के छात्रों की पढ़ाई सही ढंग से न कराए जाने पर डीआईओएस ने नाराजगी जताई है। चेताया कि प्रयोगात्मक शिक्षा में लापरवाही मिलने पर कालेज डिबार कर दिए जाएंगे।
डीआईओएस गंगा सिंह राजपूत ने कहा कि निरीक्षण के दौरान देखने को मिल रहा है कि कालेजों में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। छात्रों के प्रयोगात्मक शिक्षा की फाइल तक तैयार नहीं हैं।
उन्होंने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त कालेजों के प्रधानाचार्यों को 15 दिसंबर से प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला में ले जाकर प्रतिदिन प्रयोगात्मक शिक्षा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
डीआईओएस ने चेतावनी भी दी है कि शीघ्र ही उनके द्वारा प्रयोगात्मक शिक्षा की जांच के लिए टीमें गठित कर जांच कराई जाएगी। यदि उस समय कालेजों में प्रयोगात्मक कार्य में लापरवाही मिली तो संबंधित कालेज के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। साथ ही कालेजों को बोर्ड परीक्षा का केंद्र भी नहीं बनाया जाएगा।
डीआईओएस ने कहा कि कक्षा 10 में प्रोजेक्ट फाइलें भी तैयार कराई जाएं। प्रत्येक विषय की प्रोजेक्ट फाइल तैयार रखी जाए। किसी भी समय निरीक्षण के दौरान उसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस गंगा सिंह राजपूत ने कहा कि निरीक्षण के दौरान देखने को मिल रहा है कि कालेजों में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। छात्रों के प्रयोगात्मक शिक्षा की फाइल तक तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
उन्होंने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त कालेजों के प्रधानाचार्यों को 15 दिसंबर से प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले छात्र-छात्राओं को प्रयोगशाला में ले जाकर प्रतिदिन प्रयोगात्मक शिक्षा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
डीआईओएस ने चेतावनी भी दी है कि शीघ्र ही उनके द्वारा प्रयोगात्मक शिक्षा की जांच के लिए टीमें गठित कर जांच कराई जाएगी। यदि उस समय कालेजों में प्रयोगात्मक कार्य में लापरवाही मिली तो संबंधित कालेज के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। साथ ही कालेजों को बोर्ड परीक्षा का केंद्र भी नहीं बनाया जाएगा।
डीआईओएस ने कहा कि कक्षा 10 में प्रोजेक्ट फाइलें भी तैयार कराई जाएं। प्रत्येक विषय की प्रोजेक्ट फाइल तैयार रखी जाए। किसी भी समय निरीक्षण के दौरान उसकी जांच की जाएगी।