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शासन-प्रशासन की लापरवाही ने ली बिटिया की जान

Tue, 17 Oct 2017 08:31 PM IST
Updated Tue, 17 Oct 2017 08:31 PM IST
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शासन-प्रशासन की लापरवाही ने ली बिटिया की जान
सपा - फोटो : demo
मथुरा। अमर कालोनी कांड की जांच को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से गठित किया गया जांच दल मंगलवार को मथुरा पहुंचा और पीड़ित परिवार से बातचीत की। सपा नेताओं ने कहा कि शासन और प्रशासन की लापरवाही ने बिटिया की जान ली है। मंगलवार की दोपहर को नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल ने अमर कालोनी में मृतक राखी के घर जाकर उसके भाई-बहन और परिवारवालों से बातचीत की। प्रतिनिधि मंडल में शामिल एमएलसी डा. संजय लाठर, उदयवीर सिंह, जसवंत सिंह और जिला अध्यक्ष तनवीर अहमद और सपा में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव प्रदीप चौधरी शामिल रहे। दल में इस दोहरे हत्याकांड और डकैती की घटना की रिपोर्ट तत्काल क्यों नहीं लिखी गई, हत्याकांड और डकैती के सात माह बाद तक पुलिस क्या करती रही, पीड़ित परिजन मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाते रहे, पुलिस ने आखिर क्यों नहीं मिलने दिया, पुलिस पर ऐसा क्या दबाव था कि वो आरोपियों को पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकी, राखी के विषाक्त खाने या खिलाए जाने के बाद उसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया, जबकि उसके परिजन इधर से उधर भटक रहे थे..आदि बिन्दुआें के साथ राखी के जहर खाने या उसे जहर खिलाए जाने के बाद उसके मजिस्ट्रेटी बयान न कराए जाने के मामले पर पूरी जानकारी एकत्र की।
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बुलाने पर भी नहीं आए डीएम-एसएसपी, नाराज होकर लौटे एमएलसी मथुरा। सपा के प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में डीएम और एसएसपी को भी पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में मिलने के लिए बुलाया था लेकिन वह दोनों नहीं पहुंचे। इस पर प्रतिनिधि मंडल ने रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रदद कर दिया और मंगलवार को ही लौट गए। दरअसल जांच दल ने इस मामले में जानकारी हासिल करने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को भी बुलाया था।
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ये है पूरा मामला, चल रही जांच मथुरा। अमर कालोनी में 8 मार्च 2017 को बनवारी और उनकी पत्नी रविबाला की बदमाशों ने उनके घर में ही हत्या कर दी थी। घर से तीन लाख का कैश भी लूटकर ले गए थे। इस घटना को पूरे सात माह का वक्त हो गया लेकिन पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। बनवारी की बड़ी बेटी राखी मां-बाप के कातिलों की गिरफ्तारी को लेकर अफसरों से मिल रही थी। कई दफा धरने पर भी बैठी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। 8 अक्तूबर को राखी ने जहर खाकर जान दे दी थी। हालांकि राखी ने जहर खुद खाया या किसी ने उसे जहर खिला दिया ये मामला अभी जांच का बिंदु बना हुआ है, लेकिन राखी की मौत के बाद मिले एक फटे-पुराने पत्र में उसने लिखा था कि वह बेटी होने का फर्ज नहीं निभा सकी। उसके मां-बाप के कातिलों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई।
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