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एक भवन में चल रहे छह विद्यालय
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:10 AM IST
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स्कूल भवन।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। प्रदेश सरकार के शिक्षा प्रणाली में सुधार के दावे वृंदावन में खोखले दिख रहे हैं। यहां एक भवन में छह विद्यालय चल रहे हैं। लगभग 400 बच्चों पर 4 शिक्षक और 1 शिक्षा मित्र है।
वृंदावन के पुराना बजाजा स्थित ऋषि वाल्मीकि प्राथमिक पाठशाला के भवन के 8 कमरों में पांच और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ब्रजमोहन प्राथमिक विद्यालय, कमला नेहरू प्राथमिक विद्यालय, राधा रानी प्राथमिक विद्यालय, बीर शिवाजी प्राथमिक विद्यालय और योग माया प्राथमिक विद्यालय हैं। 450 की संख्या वाले इन 6 विद्यालयों में 4 शिक्षक और 1 शिक्षामित्र की तैनाती है। पिछले दिनों शिक्षामित्रों के हुए आंदोलन के बाद शिक्षकों की संख्या 4 ही रह गई थी। हालात ऐसे हैं कि बच्चे कई बार भूलकर दूसरे विद्यालय की कक्षाओं में बैठ जाते हैं।
विद्यालय में शिक्षकों की कमी के साथ सफाई व्यवस्था का हाल और भी बुरा है। लगभग 180 छात्राओं वाले इन विद्यालयों के 8 शौचालयों में 7 में ताला लटका है। एक शौचालय खुला भी है तो उसमें भारी गंदगी है।
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विद्यालयों के प्रधानाचार्य रोहित कुमार शिवहरे ने बताया कि विद्यालय में सफाई कराने के लिए कई बार नगर निगम प्रशासन और बीएसए को अवगत भी कराया गया, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई।
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वृंदावन के पुराना बजाजा स्थित ऋषि वाल्मीकि प्राथमिक पाठशाला के भवन के 8 कमरों में पांच और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें ब्रजमोहन प्राथमिक विद्यालय, कमला नेहरू प्राथमिक विद्यालय, राधा रानी प्राथमिक विद्यालय, बीर शिवाजी प्राथमिक विद्यालय और योग माया प्राथमिक विद्यालय हैं। 450 की संख्या वाले इन 6 विद्यालयों में 4 शिक्षक और 1 शिक्षामित्र की तैनाती है। पिछले दिनों शिक्षामित्रों के हुए आंदोलन के बाद शिक्षकों की संख्या 4 ही रह गई थी। हालात ऐसे हैं कि बच्चे कई बार भूलकर दूसरे विद्यालय की कक्षाओं में बैठ जाते हैं।
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विद्यालय में शिक्षकों की कमी के साथ सफाई व्यवस्था का हाल और भी बुरा है। लगभग 180 छात्राओं वाले इन विद्यालयों के 8 शौचालयों में 7 में ताला लटका है। एक शौचालय खुला भी है तो उसमें भारी गंदगी है।
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विद्यालयों के प्रधानाचार्य रोहित कुमार शिवहरे ने बताया कि विद्यालय में सफाई कराने के लिए कई बार नगर निगम प्रशासन और बीएसए को अवगत भी कराया गया, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई।