मिड-डे-मील में निकले कीड़े, बिना भोजन किए भूखे पेट लौटीं कई छात्राएं
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एक ओर सरकार जहां स्कूलों में विद्यार्थियों की सेहत सुधारने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में मिड-डे-मील योजना में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को राजकीय कन्या उच्च पाठशाला ददाहू में छात्राओं को परोसे गए भोजन में कीड़े निकले।
इससे स्कूल में हड़कंप मच गया। मामला मुख्य अध्यापक तक पहुंचा तो सारा खाना नष्ट करवा दिया गया। इससे कई छात्राओं को भूखे पेट घर लौटना पड़ा।
शुक्रवार को छात्राओं को एमडीएम का भोजन परोसा गया।
इस दौरान बड़ी कक्षा की छात्राओं को चावलों में सफेद रंग और काले मुंह वाले कीड़े नजर आए। इससे उन्होंने भोजन खाने से साफ इंकार कर दिया। करीब 50 छात्राओं ने यह भोजन फेंक दिया।
भोजन में चावल और आलू-न्यूट्री की सब्जी बनी थी। इस दौरान एमडीएम को चेक करने वाले शिक्षक आधे दिन के अवकाश पर थे। इसके चलते छात्राओं ने भोजन में कीड़े होने की शिकायत मुख्य अध्यापक से की।
एमडीएम कर्मी को कड़ी फटकार लगाई
इस पर मुख्य अध्यापक ने एमडीएम कर्मी को कड़ी फटकार लगाई और भोजन को फिंकवा दिया। भोजन में कीड़े होने का पता बड़ी कक्षाओं की छात्राओं को लगा। जब तक उन्हें इस बात का पता चला तब तक कुछ छात्राएं भोजन खा भी चुकी थीं।
ऐसे में शेष बची छात्राएं भूखे ही अपने घर लौट गईं। घर आकर छात्राओं ने इसकी शिकायत अपने अभिभावकों से की। इस पर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की इस लापरवाही पर कड़ा रोष जाहिर किया।
इसकी शिकायत शनिवार को उच्चाधिकारियों से करने की भी बात कही। अभिभावक इंद्र प्रकाश गोयल ने कहा कि स्कूलों में इस तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। भोजन बनाने से पहले शिक्षकों को इसकी उचित जांच करनी चाहिए। ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
उधर, कन्या उच्च पाठशाला ददाहू के मुख्य अध्यापक संजय पासी ने बताया कि कुछ छात्राओं की शिकायत मिलते ही भोजन का निरीक्षण किया गया। चावलों में कीड़े दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में शनिवार को एसएमसी की बैठक बुला ली गई है। इसमें मामले को लेकर चर्चा की जाएगी।