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Shimla News: एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में छह माह का कारावास
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दोषी ने लिया था एक लाख रुपये का ऋण
खाते में कम राशि होने पर चेक हो गया था बाउंस
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (कोर्ट नंबर-5) सुस्मिता शर्मा की अदालत ने एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में शिमला निवासी देवचंद शर्मा को दोषी करार देते हुए छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि वसूल होने के बाद इसे शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। मामले के अनुसार लोअर खलीनी निवासी शिकायतकर्ता वंदना देवी और आरोपी देव चंद शर्मा निवासी गांव चलाहट बीर, डाकघर टून, शिमला के बीच जान-पहचान थी। आरोपी ने अपनी व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये का ऋण मांगा था। शिकायतकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को चेक के माध्यम से यह राशि आरोपी को दी थी। ऋण लौटाने के लिए आरोपी ने अपने बैंक खाते का एक लाख रुपये का चेक शिकायतकर्ता के नाम जारी किया था। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में जमा कराया तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से 28 जून 2023 को आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसने सुरक्षा के तौर पर खाली चेक दिया था। हालांकि, आरोपी अपनी सफाई में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही उसने कोई बचाव साक्ष्य पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में पूरी तरह सफल रही कि चेक कानूनी रूप से देनदारी के निपटारे के लिए ही जारी किया था।
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खाते में कम राशि होने पर चेक हो गया था बाउंस
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (कोर्ट नंबर-5) सुस्मिता शर्मा की अदालत ने एक लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में शिमला निवासी देवचंद शर्मा को दोषी करार देते हुए छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि वसूल होने के बाद इसे शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। मामले के अनुसार लोअर खलीनी निवासी शिकायतकर्ता वंदना देवी और आरोपी देव चंद शर्मा निवासी गांव चलाहट बीर, डाकघर टून, शिमला के बीच जान-पहचान थी। आरोपी ने अपनी व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये का ऋण मांगा था। शिकायतकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को चेक के माध्यम से यह राशि आरोपी को दी थी। ऋण लौटाने के लिए आरोपी ने अपने बैंक खाते का एक लाख रुपये का चेक शिकायतकर्ता के नाम जारी किया था। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में जमा कराया तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से 28 जून 2023 को आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसने सुरक्षा के तौर पर खाली चेक दिया था। हालांकि, आरोपी अपनी सफाई में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका और न ही उसने कोई बचाव साक्ष्य पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में पूरी तरह सफल रही कि चेक कानूनी रूप से देनदारी के निपटारे के लिए ही जारी किया था।
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