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वर्ल्ड एथलेटिक्स डे 2022: कद काठी नहीं तोड़ पाई सुनील का हौसला, गरीबी आ रही आड़े
Sat, 07 May 2022 11:23 AM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंब (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंब (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 07 May 2022 11:23 AM IST
सार
पैरा एथलीट सुनील कुमार राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में टी-14 वर्ग में सबसे तेज धावक होने का खिताब हासिल कर चुके हैं। बीते वर्ष 100 मीटर दौड़ में प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर टी-14 श्रेणी का गोल्ड मेडल जीता।
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पैरा एथलीट सुनील कुमार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पैरा एथलीट सुनील कुमार प्रशिक्षण की कमी के कारण एथलेटिक्स में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। देश के लिए कुछ करने का जज्बा रखने वाले सुनील कुमार फिलहाल अपने स्तर पर ही अभ्यास कर रहे हैं। उड़ीसा में बीते माह पैरालंपिक राष्ट्रीय प्रतियोगिता के जेवलिन थ्रो में तीसरा स्थान हासिल करने वाले एथलीट सुनील कुमार की ऊंचाई उनके हौसले को नहीं तोड़ पाई। महज तीन फीट चार इंच का कद होने के बावजूद वह अब तक कई पदक जीत चुके हैं। वह एथलेटिक्स में आगे तो बढ़ना चाहते हैं, लेकिन मूलभूत प्रशिक्षण न मिल पाने से हताश हैं।
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उपमंडल अंब के तहत लंढ्याल संतू के रहने वाले पैरा एथलीट सुनील कुमार राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में टी-14 वर्ग में सबसे तेज धावक होने का खिताब हासिल कर चुके हैं। बीते वर्ष 100 मीटर दौड़ में प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर टी-14 श्रेणी का गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा भारोत्तोलन में रजत पदक और शॉटपुट में कांस्य पदक जीत कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुल तीन पदक अपने नाम किए थे।
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सुनील कुमार का कहना है कि खेलों में देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। वह नियमित रूप से जिम जाते हैं और उन्हें दौड़ने का शौक है। बॉडी बिल्डिंग का भी उन्हें जुनून है। सुनील कुमार गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 2017 में एक दुर्घटना के चलते उसके पिता कोई भी काम नहीं कर सकते हैं। परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है। बावजूद 21 वर्षीय सुनील कुमार खेलों में अपने भविष्य के लिए बेहतर संभावनाएं तलाशने की ओर बढ़ रहे हैं।
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