हिमाचल माैसम: शिमला में ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश, चोटियों पर बर्फबारी; प्रदेश में इतने दिन बरसेंगे बादल
प्रदेश के कई भागों में बुधवार को भी बारिश का दाैर जारी रहा। राजधानी शिमला में दोपहर को झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। प्रदेश की चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई है।
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हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बुधवार को भी बारिश का दाैर जारी रहा। राजधानी शिमला में दोपहर को झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इसी दौरान ढली बाईपास पर चलौंठी और ढली के बीच पहाड़ी दरकने से सड़क पर पत्थर और मलबा आ गिरा। गनीमत रही कि हादसे में कोई वाहन या व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया। करीब 15 से 20 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। जेसीबी की मदद से मलबा हटाने के बाद सड़क पर आवाजाही बहाल कर दी गई।
उधर, कुल्लू में हाईवे-305 पर धामण मोड़ के पास मंगलवार रात करीब नौ बजे पहाड़ी दरकने से बंजार-आनी-सैंज मार्ग बंद हो गया। मलबा सड़क पर आने से एचआरटीसी बसों सहित पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन दोनों ओर फंस गए। करीब दस घंटे तक यातायात बाधित रहा। बुधवार सुबह मशीनरी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग बहाल किया गया और फंसे वाहनों को निकाला गया।
चुराह उपमंडल में ताजा बर्फबारी से मुश्किलें बढ़ीं
चंबा के चुराह उपमंडल में ताजा बर्फबारी से मुश्किलें बढ़ गई हैं। बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर मंगलवार शाम करीब पांच बजे शुरू हुआ हिमपात देर रात तक जारी रहा। साच पास में करीब 13 से 15 सेंटीमीटर ताजा बर्फ जमा होने का अनुमान है। बर्फबारी के कारण बैरागढ़ से साच पास होते हुए किलाड़ और पांगी घाटी को जोड़ने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों को मौसम सामान्य होने तक साच पास की ओर सफर न करने की सलाह दी है। कांगड़ा में सुबह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई। पालमपुर में काटकर रखी धान की फसल बारिश की चपेट में आ गई। हमीरपुर में हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। ऊना में काले बादलों के साथ तेज हवाएं चलीं और कुछ देर बारिश हुई।
शिमला, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में अंधड़ का अलर्ट, 23 अक्तूबर तक बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने वीरवार को कांगड़ा, शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों में अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने और कई क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम में बदलाव के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।