Women Insurance Premium: हिमाचल सरकार भरेगी 3.73 लाख महिलाओं का 7.62 करोड़ का बीमा प्रीमियम
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 2,08,452 और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1,65,301 महिलाओं को चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से किए गए इस विशेष प्रावधान का लाभ मिलेगा।
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हिमाचल सरकार में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3.73 लाख महिलाओं का 7.62 करोड़ रुपये सामाजिक सुरक्षा बीमा प्रीमियम सरकार भरेगी। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 2,08,452 और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1,65,301 महिलाओं को चुनावी वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से किए गए इस विशेष प्रावधान का लाभ मिलेगा। गुरुवार को राजधानी शिमला में हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 164वीं बैठक में इस बाबत आंकड़े जारी किए गए। बैठक की अध्यक्षता यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक इशरक अली खान और प्रदेश के वित्त सचिव अक्षय सूद ने की।
उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों के सुरक्षा बीमा में 2,08,452 महिलाओं के 20 रुपये प्रति व्यक्ति एवं जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 1,65,301 के 436 रुपये प्रति व्यक्ति लाभार्थियों के फार्म एकत्रित किए गए हैं। सुरक्षा बीमा का लाभ 50 वर्ष की आयु और जीवन ज्योति योजना का लाभ 70 वर्ष तक की महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में स्वयं सहायता समूहों को चार प्रतिशत की दर से अधिकतम 20 लाख रुपये तक का कर्ज भी मिलेगा। पहले यह सुविधा सिर्फ शिमला, कांगड़ा, ऊना और मंडी जिले में थी। अब शेष आठ जिलों में भी कम ब्याज पर कर्ज मिल सकेगा।
बिना कारण बताए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के आवेदनों को न लौटाएं बैंक
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की गुरुवार को शिमला में बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के वित्त सचिव अक्षय सूद ने बैंक प्रबंधकों को हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के आवेदनों को तब तक न लौटाए जाए जब तक कोई पुख्ता कारण न हो। बैंक प्रतिनिधियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों में छोटी आपत्तियों को दूर करने के लिए प्रबंधकों को आवेदकों के संपर्क में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है।
वित्त सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए 3,000 ऋण प्रस्तावों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैंकों ने आश्वासन दिया कि वे निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे। अक्षय सूद ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में जमाराशियां 9.62 फीसदी की वृद्धि दर से बढ़ीं और कुल जमाराशि 154984.15 करोड़ रुपये एवं ऋणों की वृद्धि दर 2.59 फीसदी रही। ऋण राशि 58724.28 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके परिणाम स्वरूप जमा ऋण अनुपात 37.89 फीसदी रहा। बैठक में निदेशक वित्तीय सेवायें विभाग वित्त मंत्रालय डॉ. संजय कुमार, डीजीएम एवं संयोजक यूको बैंक शिमला एसएस नेगी, क्षेत्रीय निदेशक भारतीय रिजर्व बैंक आरएस अमर और प्रभारी राज्य स्तरीय बैंकर समिति जेपी नेगी मौजूद रहे।
इस वर्ष 33,507.21 करोड़ रुपये के ऋण देंगे बैंक यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक इशरक अली खान ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए 33,507.21 करोड़ रुपये की ऋण योजना निर्धारित की गई है। प्रदेश में कार्यरत सभी बैंक निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार उतनी राशि के ऋण स्वीकृत करेंगे। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश में कार्यरत बैंकों ने 30538.21 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विपरीत 30322.42 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए। बैंकों ने 99.29 फीसदी लक्ष्य प्राप्त किया है।