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व्हाइट सीमेंट प्लांट लगने की राह हुई मुश्किल, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
Fri, 28 Jun 2019 01:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ (सिरमौर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 28 Jun 2019 01:13 PM IST
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नौहराधार में व्हाइट सीमेंट फैक्ट्री लगाने की राह मुश्किल हो गई है। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। उच्च न्यायालय ने स्थानीय निवासियों की जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए कंपनी को जारी लेटर ऑफ इंटेंट पर स्टे लगा दिया हैं। मामले की सुनवाई होने तक इस परियोजना की स्थिति यथावत रहेगी। सरकार ने वर्ष 2018 में जोधपुर स्थित अरावली जिप्सम एंड मिनरल लिमिटेड कंपनी को नौहराधार क्षेत्र में व्हाइट सीमेंट प्लांट के लिए लेटर ऑफ इंटेंट दिया था।
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जिसके बाद स्थानीय लोगों ने निजी भूमि और पर्यावरण बचाव समिति के बैनर तले इस निर्णय का विरोध शुरू किया। समिति ने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज कर सीमेंट फैक्ट्री न लगाकर कोई अन्य फूड प्रोसेसिंग या पर्यटन विकास परियोजना लगाने की गुहार लगाई थी। प्रभावी कार्रवाई न होने के बाद समिति के अध्यक्ष नौहराधार निवासी दिलीप सिंह चौहान आदि ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की।
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18 जून को अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए लेटर ऑफ इंटेंट पर रोक लगा दी है। निजी भूमि व पर्यावरण बचाव समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह चौहान ने अदालत के निर्णय की प्रति पत्रकारों को देते हुए कहा कि उन्होंने और उनके साथियों जीवन सिंह्र, जयपाल सिंह, अजय चौहान, राजेंद्र सिंह, यशपाल सिंह और उजागर सिंह आदि ने इस सीमेंट प्लांट लगाने के निर्णय का हर मोर्चे पर विरोध किया।
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