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Shimla News: पापा जब थे पेड़ पे पैसा लगता था, गजल ने लूट गई महफिल

Sat, 08 Nov 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 11:59 PM IST
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When Papa was alive, money used to be planted on trees, Ghazal stole the show.
गेयटी में नविश्ता कार्यक्रम का आयोजन
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शायर, साहित्यकार और रंगमंच से जुड़े लोग हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। घर जो बना फिर पेड़ कटे और कर्ज उगा, पापा जब थे पेड़ पे पैसा लगता था... शायर फिक्र की इस गजल पर राजधानी का गेयटी थियेटर तालियों से गूंज उठा।

नविश्ता-मुशायरा का आयोजन शनिवार को गेयटी में हुआ। चार सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा प्रदेश से भी शायर, साहित्यकार और रंगमंच से जुड़े हुए लोग शामिल हुए। कार्यक्रम दोपहर 1:00 बजे से शाम 7:15 बजे तक चला। कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी एफ पॉल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मीनाक्षी एफ पॉल ने साहित्य और हिमाचल के कांगड़ा जिले के बैजनाथ से युवा शायर विकास राणा फिक्र के मकबूल गजल संग्रह अभी एक शेर कहना रह गया है, पर अपने विचार रखे। पांच सत्रों में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर वकुल देव ने की। पहला सत्र सुखन फहमी रहा। इसमें साहित्यकार रमन सागवाल ने शायरी की खूबसूरती और अल्फाज की बारीकियों पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद हमसुखन सत्र में शायरों ने अपनी गजलें और नज्में पेश कीं। इसमें शायरा रश्मि शर्मा के अलावा, कुलदीप गर्ग ‘तरुण’, गौतम शर्मा, महेश्वर सिंह, राम, रजनीश कुमार, सनी कबीर, अतुल अंशुमाली और चेतन वर्मा ने नज्में और गजलें पेश कीं। इस सत्र का संचालन रमन सागवाल ने किया। इसके बाद अहम पैनल डिस्कशन गौर-ओ-फिक्र सत्र हुआ। इसमें अनुजा राठौर शर्मा, डॉ. कमायनी वशिष्ठ और डॉ. देव कन्या ठाकुर ने भाषा, सिनेमा और शायरी के रिश्तों पर चर्चा की। इस सत्र का संचालन डॉ. आशिमा डोगरा ने किया।
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तीसरे सत्र में गजलकार विकास राणा फिक्र के गजल संग्रह अभी एक शेर कहना रह गया है पर शायर रजनीश्वर चौहान रजनीश ने बातचीत की। अंतिम सत्र में मुशायरा सुखन-सराई का आयोजन हुआ। इसमें हिमाचल और देश के मशहूर शायरों ने गजलों और नज्मों से महफिल जमाई। इसमें शायर शमशेर साहिल, विकास राणा, तरकश प्रदीप, आलोक मिश्रा, सुमित, रमेश डढवाल, करण, कुशल दौनरिया, नंद किशोर, गौरव सकलानी, रोहन कौशिक, और रजनीश्वर चौहान ने अपनी शायरी से रंग जमाया। कार्यक्रम की मेजबानी प्रोग्राम नविश आर्ट की ओर से किया गया।
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