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पेयजल बिलों में राहत नहीं सचिवालय में अटकी फाइल
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पेयजल कंपनी ने बीओडी की बैठक में लिए थे फैसले, सरकार ने अभी तक नहीं दी मंजूरी
क्रॉसर
पानी बिलों पर सरचार्ज भी किया जाना था कम
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की दरें की जानी हैं कम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के 35 हजार से अधिक पेयजल उपभोक्ताओं को भारी भरकम सरचार्ज से राहत देने और शहर के साथ लगते इलाकों के उपभोक्ताओं को सस्ता पानी देने के फैसले संबंधी फाइल सचिवालय में दब गई है।
पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक के चार महीने बाद भी शहरवासियों को अधिसूचना का इंतजार करना पड़ रहा है। पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक छह अप्रैल को हुई थी। इसमें पेयजल बिल देरी से भरने पर लगने वाला दस फीसदी सरचार्ज घटाकर डेढ़ फीसदी करने का फैसला लिया था। साथ ही पंचायती क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की पेयजल दरें घटाकर नगर निगम के बराबर करने और कम सिक्योरिटी पर नए कनेक्शन देने के फैसले लिए थे। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। पेयजल कंपनी का कहना है कि अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह फैसले लागू होंगे। यह अधिसूचना क्यों जारी नहीं हो रही, इस पर कंपनी के पास जवाब नहीं है। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि जानबूझकर राहत देने की अधिसूचना अटकाई जा रही है। कंपनी के निदेशक भी अधिसूचना जारी न होने से हैरान हैं।
अभी ढीली हो रही
उपभोक्ताओं की जेब
शहर के हजारों उपभोक्ताओं को अभी देरी से बिल भुगतान पर कुल बिल का दस फीसदी सरचार्ज अतिरिक्त देना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड में देरी से बिल देने पर डेढ़ फीसदी ही सरचार्ज लगता है। लेकिन कंपनी इससे तीन गुना ज्यादा सरचार्ज वसूल कर रही है। इसी तरह पंचायती क्षेत्र के लोगों को भी पुरानी महंगी दरों पर पानी के बिल जारी हो रहे हैं। पंचायती क्षेत्र में कंपनी के करीब डेढ़ हजार पेयजल उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस फैसले से फायदा होना है।
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अधिसूचना का इंतजार : एमडी
निदेशक मंडल में लिए फैसले से संबंधित अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। अधिसूचना जारी होते ही कंपनी भी इन्हें लागू कर देगी।
-धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी
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पानी बिलों पर सरचार्ज भी किया जाना था कम
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की दरें की जानी हैं कम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के 35 हजार से अधिक पेयजल उपभोक्ताओं को भारी भरकम सरचार्ज से राहत देने और शहर के साथ लगते इलाकों के उपभोक्ताओं को सस्ता पानी देने के फैसले संबंधी फाइल सचिवालय में दब गई है।
पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक के चार महीने बाद भी शहरवासियों को अधिसूचना का इंतजार करना पड़ रहा है। पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक छह अप्रैल को हुई थी। इसमें पेयजल बिल देरी से भरने पर लगने वाला दस फीसदी सरचार्ज घटाकर डेढ़ फीसदी करने का फैसला लिया था। साथ ही पंचायती क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की पेयजल दरें घटाकर नगर निगम के बराबर करने और कम सिक्योरिटी पर नए कनेक्शन देने के फैसले लिए थे। लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। पेयजल कंपनी का कहना है कि अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह फैसले लागू होंगे। यह अधिसूचना क्यों जारी नहीं हो रही, इस पर कंपनी के पास जवाब नहीं है। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि जानबूझकर राहत देने की अधिसूचना अटकाई जा रही है। कंपनी के निदेशक भी अधिसूचना जारी न होने से हैरान हैं।
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अभी ढीली हो रही
उपभोक्ताओं की जेब
शहर के हजारों उपभोक्ताओं को अभी देरी से बिल भुगतान पर कुल बिल का दस फीसदी सरचार्ज अतिरिक्त देना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड में देरी से बिल देने पर डेढ़ फीसदी ही सरचार्ज लगता है। लेकिन कंपनी इससे तीन गुना ज्यादा सरचार्ज वसूल कर रही है। इसी तरह पंचायती क्षेत्र के लोगों को भी पुरानी महंगी दरों पर पानी के बिल जारी हो रहे हैं। पंचायती क्षेत्र में कंपनी के करीब डेढ़ हजार पेयजल उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस फैसले से फायदा होना है।
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अधिसूचना का इंतजार : एमडी
निदेशक मंडल में लिए फैसले से संबंधित अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। अधिसूचना जारी होते ही कंपनी भी इन्हें लागू कर देगी।
-धर्मेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी