शिमला में भारी जल संकट के बीच विदेश घूमने चले मेयर-पार्षद
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शिमला की पब्लिक को प्यासा छोड़ नगर निगम के मेयर और पार्षद एक बार फिर विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। शहर में जल संकट के बीच 27 अप्रैल के बाद अगले नौ दिनों तक पब्लिक की गुहार सुनने के लिए मेयर, कमिश्नर और सात काउंसलर शहर में मौजूद नहीं होंगे।
27 अप्रैल को दिल्ली से मलेशिया की फ्लाइट बुक करवा दी गई है। मेयर के अलावा नगर निगम के सात पार्षद और दो अफसर भी मलेशिया टूअर पर रवाना होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट के तहत मलेशिया की सैर के दौरान वहां के सीवरेज सिस्टम की बारीकियां समझी जाएंगी।
हालांकि देश के कई राज्यों में शिमला से बहुत बेहतर सीवरेज सिस्टम है जिससे बहुत कुछ सीखा और समझा जा सकता है। मलेशिया दौरे की तैयारियों को नगर निगम में बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। मलेशिया जाने के लिए मेयर ने जिन पार्षदों के नाम फाइनल किए हैं, उनके अलावा किसी अन्य पार्षद को इस दौरे की कानों कान खबर नहीं है।
जिनका नाम नहीं, उन्होंने कमिश्नर से पूछे सवाल
मलेशिया जाने वाले पार्षदों की लिस्ट से नाम बाहर होने के बाद कुछ पार्षदों को तगड़ा झटका लगा है। कुछ पार्षदों ने मलेशिया जाने के लिए तत्काल में पासपोर्ट बना दिए थे। लेकिन अब उनके नाम लिस्ट से गायब हैं।
मेरा नाम लिस्ट में क्यों नहीं?
लिस्ट से नाम कटने के बाद शनिवार को निगम की एक महिला पार्षद नाराजगी जताने मेयर आफिस जा पहुंचीं। मेयर मौजूद नहीं थे तो पार्षद ने कमिश्नर आफिस का रुख कर दिया। पार्षद ने कमिश्नर से दो टूक सवाल किया, मुझे भी मलेशिया जाने के लिए तैयार होने को कहा गया था अब मेरा नाम लिस्ट में क्यों नहीं है? कमिश्नर ने इसे मेयर का क्षेत्राधिकार बताकर पल्ला झाड़ लिया।
अगस्त में पैसा लैप्स होना था इसलिए बनाया टूअर
यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट का पैसा अगस्त में लैप्स होने वाला है। इसलिए अभी टूअर बनाया गया है। इस टूअर में नगर निगम का एक भी पैसा खर्च नहीं होगा, उलटा हम शहर के लिए ग्रांट के रूप में पैसा लाएंगे। असेंबली में भी यह सवाल 16 बार उठ चुका है।- संजय चौहान महापौर, नगर निगम शिमला
इन पार्षदों के नाम हुए मलेशिया टूअर के लिए फाइनल
शशि शेखर चिन्नू (नाभा)
सुरेंद्र चौहान (छोटा शिमला)
मनोज कुठियाला (जाखू)
भारती सूद (लोअर बाजार)
कुसुम ठाकुर (कुसुम्पटी)
कांता सुयाल (अनाडेल)
दीक्षा ठाकुर (समरहिल)