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Shimla News: कचरा प्रबंधन में भ्रष्टाचार की बदबू, एक कर्मचारी बर्खास्त

Wed, 21 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:59 PM IST
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Waste management stinks of corruption, one employee dismissed
नगर निगम के भरयाल कूड़ा संयंत्र का मामला, कूड़े लाने वाले प्रति वाहन से आरोपी वसूल रहा था दो हजार रुपये
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निगम ने निजी कंपनी को दे रखा है संचालन का जिम्मा
अवैध वसूली की शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम के भरयाल कूड़ा संयंत्र में कचरा और मलबा ठिकाने लगाने के नाम पर चल रहे अवैध वसूली के खेल का खुलासा हुआ है।
शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने इस पर जांच बैठा दी है। प्रारंभिक जांच के बाद इस खेल में कंपनी के एक कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई है। कंपनी ने इस कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से नौकरी से बाहर कर दिया है। शहर से रोजाना निकलने वाले 80 से 100 टन कूड़े को भरयाल कूड़ा संयंत्र में ठिकाने लगाया जाता है। यहां पर सूखे कचरे से बिजली तैयार की जा रही है। नगर निगम ने इस संयंत्र का संचालन एक निजी कंपनी को दे रखा है। संयंत्र में शिमला शहर के अलावा साथ लगती पंचायतों से भी कूड़ा ठिकाने लगाया जाता है। इसके अलावा मलबा भी इस साइट पर डंप किया जाता है। कुछ दिन पहले नगर निगम को शिकायत मिली थी कि संयंत्र में तैनात कर्मचारी कचरे को ठिकाने लगाने के लिए दो हजार रुपये प्रति वाहन शुल्क वसूल रहा है। नगर निगम ने पंचायतों से निकलने वाले कचरे का शुल्क पांच सौ रुपये तय किया है। शिकायत में आरोप लगाया कि रोजाना यहां तैनात कर्मचारी दो हजार रुपये प्रति वाहन शुल्क वसूल रहा है। इससे पंचायतों में कचरा उठाने की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।




नगर निगम ने बैठाई जांच
नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी को पत्र भेजा। इसमें मामले की जांच के लिए कहा गया। कंपनी ने प्रारंभिक जांच में शिकायतों को सही पाया। इसमें एक कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई है जिसे कंपनी ने तुरंत नौकरी से बाहर कर दिया है। कंपनी के महाप्रबंधक कृष्णा राव ने कहा कि नगर निगम के निर्देश पर मामले की जांच की गई है। इसमें एक कर्मचारी की गड़बड़ी निकली है जिसे नौकरी से निकाल दिया है। उन्होंने कहा कि उन लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है जिनसे यह पैसा लिया है। महाप्रबंधक ने कहा कि पंचायतों और निजी रेस्तरां से कचरा लेकर आ रही गाड़ियों से यह पैसा लिया है।
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मामले की जांच के दिए हैं निर्देश
इस मामले की जांच के निर्देश संबंधित कंपनी को दिए हैं। इस मामले पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट भी मांगी गई है।
-सचिन कंवल, आयुक्त नगर निगम शिमला
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