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Shimla News: मंच पर जीवंत हुईं अमृता प्रीतम व साहिर के अधूरे इश्क की कहानी

Wed, 21 Oct 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:59 PM IST
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The story of Amrita Pritam and Sahir's unfulfilled love story comes alive on stage.
गेयटी में रसीदी टिकट नाटक का हुआ मंचन
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विरह और स्त्री-अस्मिता की कहानी को दिया जीवंत रूप

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के गॉथिक हॉल में बुधवार को साहित्य, प्रेम और संवेदनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों को अमृता प्रीतम की जिंदगी के अनकहे पहलुओं से रूबरू कराया।

चतुर्थ पद्मश्री कलाऋषि बाबा योगेंद्र बहुभाषी नाट्य महोत्सव के चौथे दिन प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम की आत्मकथा पर आधारित नाटक रसीदी टिकट का मंचन किया गया। शाम पांच बजे शुरू हुए इस नाटक में सीमा शर्मा ने अपने सशक्त अभिनय से अमृता के प्रेम, विरह, संघर्ष और आत्मसम्मान की कहानी को मंच पर इस तरह जीवंत किया कि उनके जीवन की संवेदनाएं दर्शकों के दिलों तक पहुंच गईं।नाटक में अमृता प्रीतम के जीवन के विभिन्न पड़ावों को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। बचपन की स्मृतियों से लेकर प्रेम की गहराइयों, रिश्तों की जटिलताओं और सामाजिक रूढ़ियों से टकराने तक की उनकी यात्रा ने दर्शकों को बांधे रखा।
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मंच पर कभी प्रेम में डूबी कवयित्री नजर आईं, तो कभी अपने समय की मान्यताओं पर सवाल उठाती एक स्वतंत्र विचारों वाली स्त्री। रसीदी टिकट की प्रस्तुति में साहिर लुधियानवी के प्रति अमृता प्रीतम के गहरे आकर्षण और अधूरे प्रेम की अनुभूति खास तौर पर उभरकर सामने आई। वहीं, इमरोज के साथ उनके रिश्ते के माध्यम से प्रेम का वह रूप सामने आया, जिसमें अधिकार से अधिक स्वीकार्यता, स्वतंत्रता और एक-दूसरे के अस्तित्व का सम्मान महत्वपूर्ण है।
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सीमा शर्मा के एकल अभिनय की खासियत यह रही कि उन्होंने अमृता प्रीतम के व्यक्तित्व के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। संवादों के साथ उनके चेहरे के भाव, आंखों की भाषा, देहभंगिमा और मौन ने भी कहानी को आगे बढ़ाया।नाटक की परिकल्पना और निर्देशन सीमा शर्मा ने किया। प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी दीप कुमार ने संभाली, जबकि संगीत कश्मीर सिंह और कामाक्षी ने तैयार किया। पूजा चक्रवर्ती के गायन ने प्रस्तुति के भावनात्मक प्रभाव को और गहरा किया। पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन अपस्टेज आर्ट ग्रुप, दिल्ली की ओर से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली और गेयटी थियेटर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
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