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अपराधियों की रिकॉर्ड आवाज की हिमाचल में ही होगी जांच
Thu, 03 Jan 2019 10:55 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 03 Jan 2019 10:55 AM IST
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अपराध की आशंका पर फोन या अन्य तरह से रिकॉर्ड आवाज की अब हिमाचल में ही जांच होगी। अब यह वॉयस एनालिसिज फोरेंसिक साइंस निदेशालय जुन्गा में ही होगा। दूसरे चरण में यह व्यवस्था क्षेत्रीय कार्यालय मंडी में भी करने की तैयारी है। दरअसल, जांच एजेंसियों को चंडीगढ़, अहमदाबाद की प्रयोगशालाओं में वॉयस एनालिसिज की प्रक्रिया में वर्षों लग रहे हैं।
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जुन्गा स्थित फोरेंसिक साइंस लैब में वॉयस सैंपल की जांच की व्यवस्था शुरू करने को सरकार ने सहायक निदेशक स्वर विश्लेषक के पद भरने के लिए बनाए नियमों को मंजूरी दे दी है। बुधवार को इन नियमों की अधिसूचना जारी कर दी गई। सहायक निदेशक के अलावा वैज्ञानिक अधिकारी, वैज्ञानिक सहायक और प्रयोगशाला सहायक के भी पद भरे जाएंगे।
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इनकी भर्ती के भी निदेशालय ने नियम बना दिए हैं। हिमाचल प्रदेश फोरेंसिक साइंस निदेशालय के निदेशक अरुण शर्मा ने बताया कि जल्द वॉयस सैंपल लेने की यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। पहले शिमला के जुन्गा और उसके बाद मंडी क्षेत्रीय प्रयोगशाला में भी यह सुविधा होगी।
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तकनीकी युग में जरूरी है ऐसी जांच
तकनीकी युग में इस तरह की जांच की व्यवस्था का हिमाचल में होना जरूरी है। आए दिन हो रहे अपराध में मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की गई बातचीत भी सुबूतों की तरह प्रस्तुत की जा रही है। इसके बाद संबंधित वॉयस सैंपल भी लिए जाते हैं। इन आवाजों का मिलान किया जाता है। इसी मिलान के लिए सैंपल बाहरी प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते हैं।