PMO के निर्देश पर अवैध कटान की जांच में एक और बड़ा खुलासा
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पीएमओ के निर्देश पर हो रही श्रीनयना देवी वन रेंज में अवैध खैर कटान की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। विजिलेंस ने जांच में पाया कि कोट वन खंड में खैर के साढ़े 10 हजार पेड़ काटे गए हैं। इनकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
विजिलेंस ब्यूरो इससे पहले सलोआ वन खंड की जांच कर चुका है। अभी तीन और खंडों की जांच बाकी है। विजिलेंस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वीरवार शाम को कोट वन खंड की जांच पूरी कर रिपोर्ट विजिलेंस के बिलासपुर थाने में सौंप दी है।
इस मामले में भी अब जल्द दूसरी एफआईआर दर्ज होगी। ‘अमर उजाला’ ने 25 फरवरी के अंक में श्रीनयना देवी रेंज में खैर के 25 हजार पेड़ों के अवैध कटान का खुलासा किया था। विजिलेंस सूत्रों की मानें तो कोट वन खंड की कोट, घटवाल, लहरी और पल्सेड़ बीट में जांच पूरी हो चुकी है।
सलोआ में कटे 4743 पेड़
उक्त वन खंड में 10500 के करीब खैर के पेड़ काटे गए हैं। जांच टीम उक्त बीट में दो मार्च के बाद से जांच में जुटी हुई थी। सूत्रों के अनुसार कोट वन खंड में भारी मात्रा में अवैध कटान हुआ है।
कई स्थानों से तो वन माफिया पेड़ों की जड़ें भी उखाड़ ले गया है। उधर, डीएसपी विजिलेंस संजीव भाटिया ने कहा कि जांच जारी है। अभी बाहर हूं, रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ कह सकता हूं।
विजिलेंस ने सलोआ वन खंड जांच में पाया कि यहां खैर के अवैध रूप से 4743 पेड़ काटे गए। इसकी एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। इसकी कीमत 9.33 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विजिलेंस ने मामले में इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 32,33 आईपीसी की धारा 420,120 बी और प्रीवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट की धारा 13(1)(डी)आर/डब्ल्यू13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।