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अब डेबिट कार्ड से कर सकेंगे चालान का भुगतान
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वाहनों के चालान काटने वाले पुलिस अधिकारियों को सौंपी 25 पीओएस मशीनें
रोजाना हो रहे 40 से 50 वाहनों के चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डिजिटल भारत मुहिम के तहत ई-चालान के बाद शिमला पुलिस ने पीओएस मशीन से कैश लेस चालान की व्यवस्था शुरू कर दी है। डेबिट कार्ड के माध्यम से अब व्यक्ति मौके पर ही चालान राशि भर सकेंगे। इस दौरान चालक के मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा और ओटीपी दर्ज करने के चंद सेकेंड में ही चालान का भुगतान होगा।
शिमला पुलिस के मुताबिक पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से हर रोज करीब 40 से 50 चालान हो रहे हैं। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद ट्रैफिक कार्यालय जाने की बजाय चालक को मौके ही कार्ड स्वाइप कर भुगतान करनी की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों के समय की भी बचत होगी। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों पर लगाम लगने के साथ कार्य में पारदर्शिता आएगी।
डीएसपी (ट्रैफिक) अजय भारद्वाज ने बताया कि चालान काटने वाले अधिकारियों को 25 पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इसमें 17 मशीनें शिमला शहर और 8 मशीनें जिले के उपमंडलों के थानों को दी हैं। पीओएस मशीनें के माध्यम से अभी तक करीब 540 चालान का भुगतान मौके पर वसूला जा चुका है।
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कैश लेस होगा चालान का भुगतान करना
कोरोना महामारी के बीच यातायात नियमों की उल्लंघन करने वाले चालकों के चालान 100 फीसदी ई-चालानिंग के माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे में बाहरी राज्य से आने वाले पर्यटकों के अलावा कई वाहन चालक चालान का भुगतान करने ट्रैफिक कार्यालय आते थे लेकिन, अब पीओएस मशीनें की व्यवस्था के बाद चालान का भुगतान कैश लेस के माध्यम से होगा। इससे पुलिस जवान भी कोरोना संक्रमण से बच पाएंगे।
फर्जी दस्तावेजों चलाने
वालों पर लगेगी लगाम
ई- चालान मशीन को यातायात विभाग के पोर्टल के साथ कनेक्ट किया है। इसके तहत गाड़ी का नंबर ई-चालान मशीन में डालते की ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेजों से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आ जाता है। ऐसे में चोरी के वाहन चलाने वाले लोगों की धर पकड़ने में आसानी हो जाती है।
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रोजाना हो रहे 40 से 50 वाहनों के चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डिजिटल भारत मुहिम के तहत ई-चालान के बाद शिमला पुलिस ने पीओएस मशीन से कैश लेस चालान की व्यवस्था शुरू कर दी है। डेबिट कार्ड के माध्यम से अब व्यक्ति मौके पर ही चालान राशि भर सकेंगे। इस दौरान चालक के मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा और ओटीपी दर्ज करने के चंद सेकेंड में ही चालान का भुगतान होगा।
शिमला पुलिस के मुताबिक पीओएस (पाइंट ऑफ सेल) के माध्यम से हर रोज करीब 40 से 50 चालान हो रहे हैं। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद ट्रैफिक कार्यालय जाने की बजाय चालक को मौके ही कार्ड स्वाइप कर भुगतान करनी की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों के समय की भी बचत होगी। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों पर लगाम लगने के साथ कार्य में पारदर्शिता आएगी।
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डीएसपी (ट्रैफिक) अजय भारद्वाज ने बताया कि चालान काटने वाले अधिकारियों को 25 पीओएस मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इसमें 17 मशीनें शिमला शहर और 8 मशीनें जिले के उपमंडलों के थानों को दी हैं। पीओएस मशीनें के माध्यम से अभी तक करीब 540 चालान का भुगतान मौके पर वसूला जा चुका है।
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कैश लेस होगा चालान का भुगतान करना
कोरोना महामारी के बीच यातायात नियमों की उल्लंघन करने वाले चालकों के चालान 100 फीसदी ई-चालानिंग के माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे में बाहरी राज्य से आने वाले पर्यटकों के अलावा कई वाहन चालक चालान का भुगतान करने ट्रैफिक कार्यालय आते थे लेकिन, अब पीओएस मशीनें की व्यवस्था के बाद चालान का भुगतान कैश लेस के माध्यम से होगा। इससे पुलिस जवान भी कोरोना संक्रमण से बच पाएंगे।
फर्जी दस्तावेजों चलाने
वालों पर लगेगी लगाम
ई- चालान मशीन को यातायात विभाग के पोर्टल के साथ कनेक्ट किया है। इसके तहत गाड़ी का नंबर ई-चालान मशीन में डालते की ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेजों से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आ जाता है। ऐसे में चोरी के वाहन चलाने वाले लोगों की धर पकड़ने में आसानी हो जाती है।