हिमाचल विधानसभा: हंगामे और नारेबाजी के बीच चला मानसून सत्र, अंतिम दिन पूरे वंदे मातरम से समापन
विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार अंतिम दिन गुरुवार को शांत होता नजर आया। कई दिन तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को लेकर सदन में बहस और हंगामा चलता रहा।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार अंतिम दिन गुरुवार को शांत होता नजर आया। कई दिन तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को लेकर सदन में बहस और हंगामा चलता रहा। विधानसभा परिसर में भी दोनों दलों के नेताओं की ओर से नारेबाजी होती रही। विपक्ष ने यह मामला उठाया कि राष्ट्रगान के साथ शुरू में राष्ट्रीय गीत भी गाया जाना चाहिए और सरकार ने वंदे मातरम का अपमान किया। वहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया।
दोनों दल सदन और परिसर में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी से भिड़ते रहे। राष्ट्रीय गान और गीत को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही महज 11 मिनट ही चली। विधानसभा परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। दोनों ओर से नारेबाजी के बीच माहौल कई बार तनावपूर्ण हुआ। इस विवाद का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। कई प्रश्न नहीं पूछे जा सके। हालांकि, सत्र के समापन पर राष्ट्रीय गीत का पूरा गायन हुआ। इसके साथ ही कई दिनों से चले आ रहे विवाद और हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हो गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ये कहा
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। विपक्ष की ओर से उठाई गई अधिकांश बातों को सुना गया, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रगीत के साथ शुभारंभ होता तो बेहतर रहता। उन्होंने कहा कि उन पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का गंभीर आरोप लगाया गया, जिसके बाद वीडियो भी सामने आया, लेकिन वीडियो में ऐसा कोई अपमान नजर नहीं आया। मुख्यमंत्री को ऐसे आरोपों से परहेज करना चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष की ओर से कई अहम मुद्दे उठाए गए। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अच्छे तरीके से प्रश्नों के उत्तर दिए। विधानसभा अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष के बजाय विपक्ष को ज्यादा बोलने का समय दिया है। दोनों दलों के सहयोग से ही प्रदेश में विकास की गति को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। विपक्ष की ओर से जो भी बेहतर सुझाव दिए गए हैं, प्रदेश सरकार उन्हें प्लानिंग में शामिल करेगी।
गैलरी में अफसरों की गैरमौजूदगी पर लिया जाएगा संज्ञान : कुलदीप
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चला। सत्र में कुल 10 बैठकों का आयोजन किया गया, जिसकी कार्यवाही लगभग 45 घंटे 30 मिनट तक चली। इस तरह सत्र की उत्पादकता 91 प्रतिशत रही। इस सत्र के दौरान कुल 786 (514 तारांकित तथा 272 अतारांकित) प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार ने उत्तर उपलब्ध करवाए। पठानिया ने कहा कि सत्र में नियम 62 के तहत 14, नियम 101 के तहत 05 और नियम 130 के तहत 2 विषयों और नियम 324 के तहत 11 विषयों पर चर्चा की गई। शून्यकाल के दौरान 34 विषयों को सदन में उठाया गया। 7 विधेयकों को पारित किया गया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की ओर से ओर से गैलरी में अफसरों के नदारद रहने के मामले पर भी संज्ञान लेने की बात कही।