माल रोड से ऐसे भागेंगे बंदर, जनता को बड़ी राहत
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बंदरों की समस्या से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए वन विभाग जल्द ही अस्पतालों और स्कूल, कॉलेजों में अल्ट्रासोनिक साउंड मशीनें लगाएगा।
पहले चरण में सोमवार को दो मशीनें मालरोड पर स्थित सीटीओ भवन पर लगाई जाएंगी। दो हफ्तों तक मशीनों के प्रभाव का आंकलन किया जाएगा। इसके बाद शहर के अस्पतालों और ऐसे स्थानों पर मशीनें लगाई जाएंगी, जहां बंदरों के उत्पात से लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एक निजी कंपनी वन विभाग को अल्टसोनिक साउंड मशीन उपलब्ध करवा रही है। डेमोस्ट्रेशन के लिए कंपनी कुछ मशीनें विभाग को मुफ्त दे रही हैं। कंपनी के सीईओ मोहित शर्मा का दावा है कि यह मशीन बंदरों को भगाने में पूरी तरह सक्षम है।
ध्वनि तरंगों से असहज महसूस करते हैं बंदर
मशीनों से निकलने वाली ध्वनि तरंगों से बंदर असहज महसूस करते हैं और दूर भागते हैं। नौ बाई ग्यारह इंच की छोटी सी मशीन का असर करीब 100 मीटर क्षेत्र तक होता है। अल्ट्रासोनिक साउंड मशीन का इंसानों और पशु पक्षियों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता।
निगरानी कमेटी कीहोगी ट्रायल पर नजर
मुख्य अरण्यपाल वन विभाग पीएल चौहान ने बताया कि ट्रायल के लिए मशीनों को सीटीओ में लगाया जा रहा है। मशीन के प्रभाव की निगरानी के लिए कमेटी गठित की गई है। ट्रायल सफल रहा तो मशीनें शहर के अन्य ऐसे स्थानों पर भी लगाई जाएंगी, जहां बंदरों के उत्पात के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रदेश में पहली बार इस मशीन का ट्रायल किया जा रहा है। इससे पहले यूपी, गोवा और महाराष्ट्र में इन मशीनों को लगाया गया है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।