तुर्की के विशेषज्ञों ने बिलासपुर-लेह रेललाइन की 36 किमी अलाइनमेंट बदली
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बिलासपुर-लेह रेललाइन का जियोलॉजिकल सर्वे करने हिमाचल पहुंचे तुर्की के विशेषज्ञों ने ट्रैक की अलाइनमेंट में 36 किलोमीटर तक बदलाव किया है। कई टनलों के मुहानों की भी लोकेशन बदली गई है। तीसरे चरण के सर्वे को आई उत्तर रेलवे की टीम ने अपना 80 फीसदी फील्ड कार्य पूरा कर लिया है। इसके बाद प्रोजेक्ट के तकनीकी सर्वे के आधार पर फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अलाइनमेंट में ज्यादातर बदलाव कुल्लू-मनाली के बीच रायसन क्षेत्र में किया गया है।
11 दिन तक किए सर्वे में बिलासपुर से मनाली तक तुर्की, आईआईटी रुड़की समेत अन्य विशेषज्ञों की टीम ने कई बदलाव किए। तुर्की के विशेषज्ञों ने इन 10 दिनों में अलाइनमेंट कर एक-एक पहाड़ को परखा। पहाड़ों की क्षमता के आधार पर टनलों के मुहानों की लोकेशन में बदलाव किए, ताकि खुदाई के समय अड़चन न आए। उत्तर रेलवे की टीम इस परियोजना का सर्वे पूरा कर इसकी फाइनल ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करेगी।
इससे पहले ट्रैक के सर्वे की फाइनल जांच होगी। इस सर्वे में अलाइनमेंट इंजीनियर खुशबू अरोड़ा, इंजीनियर हिमांशु, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ संदीप सिन्हा, तुर्की से आए जियोलॉजिस्ट, डिप्टी चीफ इंजीनियर सुजीत सिंह, मुख्य अभियंता हरपाल सिंह शामिल रहे। तुर्की से आई विशेषज्ञों की टीम शनिवार को दिल्ली लौटेगी।
अभी राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित नहीं
उत्तर रेलवे के मुख्य अभियंता हरपाल सिंह ने बताया कि इस रेललाइन को अभी राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित नहीं किया है। इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय की ओर से कैबिनेट कमेटी इकॉनमी अफेयर्स (सीसीईए) को सौंपी जाएगी। वहां से अप्रूवल के बाद ही यह राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित होगा।
निर्माण के लिए पीएम, रक्षा मंत्री से मिल चुके हैं लद्दाख के सांसद
इस प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करने के लिए लद्दाख के सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल पीएम और रक्षा मंत्री से भी मिल चुके हैं। यह प्रोजेक्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह जिले और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के संसदीय क्षेत्र से शुरू होने जा रहा है। इस कारण भी प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट जल्द घोषित होने की उम्मीद है।