{"_id":"6abbd98560ddd282b3076566","slug":"tunnel-construction-should-begin-after-the-safety-of-the-buildings-is-ensured-shimla-news-c-19-sml1002-794972-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: भवनों की सुरक्षा तय होने के \nबाद शुरू हो टनल का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: भवनों की सुरक्षा तय होने के बाद शुरू हो टनल का निर्माण
विज्ञापन
सदन पारित प्रस्ताव को सरकार को भेजा निगम
तीन से चार सौ मकानों को बताया जा रहा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन में शांति विहार क्षेत्र के आठ से दस मकानों में फोरलेन टनल निर्माण के बाद आई दरारों का मामला शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा और भट्ठाकुफर के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि टनल के एलाइनमेंट में आने वाले करीब तीन से चार सौ मकानों को खतरा है। इसलिए टनल निर्माण का बंद किया कार्य शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि जद में आने वाले सभी मकान सुरक्षित हैं। इस पर सदन ने प्रस्ताव पारित कर इसे सरकार को भेजने का निर्णय लिया। सदन में पार्षद विनीत शर्मा और नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में दरारों वाले मकानों के मालिकों तथा इससे आगे टनल के ऊपर बने सैकड़ों भवनों के मालिकों ने बीते दिनों संजौली में अपना रोष भी प्रकट किया था। इन सैकड़ों भवन मालिकों को अपनी जीवनभर की जमापूंजी से बनाए गए घरों पर खतरा साफ नजर आ रहा है। भवन मालिक अपनी संपत्ति को विकास की भेंट चढ़ाने को तैयार नहीं हैं।
भवन मालिकों की मांग है कि रोके गए टनल निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने से पहले प्रदेश सरकार भू-वैज्ञानिकों और इस विषय के विशेषज्ञों से सर्वेक्षण और जांच करवाएं। सभी भवनों की सुरक्षा पहले सुनिश्चित की जाए। इसके बाद ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी और इसके अधीन काम कर रही निर्माण कंपनी को टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाए। भवन मालिक अब भवनों में आई दरारों के कारणों की जांच और इसके लिए विशेष रूप से गठित की जाने वाली कमेटी की रिपोर्ट आने तथा अपने भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के बाद ही टनल निर्माण पर राजी होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन से चार सौ मकानों को बताया जा रहा खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन में शांति विहार क्षेत्र के आठ से दस मकानों में फोरलेन टनल निर्माण के बाद आई दरारों का मामला शांति विहार के पार्षद विनीत शर्मा और भट्ठाकुफर के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि टनल के एलाइनमेंट में आने वाले करीब तीन से चार सौ मकानों को खतरा है। इसलिए टनल निर्माण का बंद किया कार्य शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि जद में आने वाले सभी मकान सुरक्षित हैं। इस पर सदन ने प्रस्ताव पारित कर इसे सरकार को भेजने का निर्णय लिया। सदन में पार्षद विनीत शर्मा और नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में दरारों वाले मकानों के मालिकों तथा इससे आगे टनल के ऊपर बने सैकड़ों भवनों के मालिकों ने बीते दिनों संजौली में अपना रोष भी प्रकट किया था। इन सैकड़ों भवन मालिकों को अपनी जीवनभर की जमापूंजी से बनाए गए घरों पर खतरा साफ नजर आ रहा है। भवन मालिक अपनी संपत्ति को विकास की भेंट चढ़ाने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
भवन मालिकों की मांग है कि रोके गए टनल निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने से पहले प्रदेश सरकार भू-वैज्ञानिकों और इस विषय के विशेषज्ञों से सर्वेक्षण और जांच करवाएं। सभी भवनों की सुरक्षा पहले सुनिश्चित की जाए। इसके बाद ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी और इसके अधीन काम कर रही निर्माण कंपनी को टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाए। भवन मालिक अब भवनों में आई दरारों के कारणों की जांच और इसके लिए विशेष रूप से गठित की जाने वाली कमेटी की रिपोर्ट आने तथा अपने भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के बाद ही टनल निर्माण पर राजी होंगे।
विज्ञापन