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आईजीएमसी में करंट लगने से ट्रक चालक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 12 Jan 2016 07:46 PM IST
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में एक ट्रक ड्राइवर की करंट लगने से मौत हो गई। ड्राईवर हाकिम (33) यूपी कानपुर का रहने वाला था। यह दिल्ली से ट्रक में आईजीएमसी के लिए मशीनों की सप्लाई लेकर पहुंचा था। मंगलवार सुबह ट्रक से सामान उतार दिया। इसके बाद जब वह कॉलेज परिसर में ट्रक को खड़ा कर रहा था तो ट्रक को पीछे करते समय बिजली की एचटी लाइन से टकराया।
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इससे वह करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ। परिसर से गुजर रही बिजली बोर्ड की एचटी लाइन की ऊंचाई कम है। इस वजह से यह हादसा हुआ। ड्राइवर इस बात से अनजान था। जब वह ट्रक पीछे कर रहा था तो ट्रक के पिछले हिस्से में एचटी तार छू गई।
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ट्रक का हेल्पर अनंत कुमार नीचे उतरा और उसने कहा कि ट्रक एचटी की चपेट में आ गया है। इतना कहकर हेल्पर ट्रक से दूर हो गया, इससे पहले की ट्रक ड्राइवर खुद को बचा पाता उसे करंट लग गया। बताया जा रहा है कि अगर एचटी लाइन दो फुट और ऊंची होती तो हादसा नहीं होता। मौके पर एक पेड़ भी करंट की चपेट में आया उस वक्त पेड़ पर एक लंगूर मौजूद था, उसकी भी मौत हो गई। एसपी डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
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ऊंची होती तारें तो नहीं होता हादसा
आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि बिजली की तारें ऊंची होती तो हादसा टल सकता था। इसमें कहीं न कहीं बिजली बोर्ड की लापरवाही तो है। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी। कॉलेज परिसर में सैकड़ों छात्र मौजूद रहते हैं। इस तरह के हादसे भविष्य में न हो इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विद्युत बोर्ड का कोई दोष नहीं
विद्युत बोर्ड के एसडीओ सुशील कुमार ने कहा कि यह एचटी लाइन करीब तीस साल पहले यहां लगाई थी। उस दौरान लाइन कॉलेज परिसर से दूर थी। लेकिन यहां पर जगह को बढ़ाने के लिए डंगा लगा दिया गया। इस बारे विद्युत बोर्ड को जानकारी नहीं दी गई। इसमें विद्युत बोर्ड की कोई लापरवाही नहीं है।