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राष्ट्रपति का हिमाचल दौरा: एम्स के पहले डॉक्टरों से कहा- दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों की करें सेवा

Tue, 06 Oct 2026 12:49 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 06 Oct 2026 12:49 PM IST
सार

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का पेशा केवल आर्थिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा की बड़ी जिम्मेदारी भी है। राष्ट्रपति ने एम्स के पहले बैच के डॉक्टरों से हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और संस्थान की मजबूत पहचान बनाने का आह्वान किया।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें चिकित्सा के साथ सेवा भावना और संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टर बनने का निर्णय केवल आर्थिक उन्नति से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सेवा का भाव भी होना चाहिए।

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राष्ट्रपति ने डॉक्टरों से कहा कि कई बार यह सवाल मन में आता है कि इतने दूर और दुर्गम इलाकों में कौन जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स बिलासपुर से निकलने वाले डॉक्टर ऐसे क्षेत्रों में लोगों की सेवा करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि आर्थिक उपलब्धियां व्यक्ति के साथ यहीं रह जाएंगी, लेकिन समाज के लिए की गई सेवा लोगों के साथ आगे तक जाएगी।
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पहले बैच के डॉक्टरों पर बड़ी जिम्मेदारी
राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर के पहले बैच के विद्यार्थियों को संस्थान की पहचान और विरासत तैयार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इन डॉक्टरों के काम और व्यवहार से सीखेंगी। इसलिए पहले बैच के डॉक्टरों का प्रयास होना चाहिए कि उनके कार्यों से एम्स बिलासपुर का नाम आगे बढ़े और संस्थान की पहचान मजबूत हो। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का ज्ञान बीमारी की पहचान करता है और कौशल उसका उपचार करता है, लेकिन मरीज के प्रति संवेदनशीलता और करुणापूर्ण व्यवहार उसे मानसिक हिम्मत देता है। ऐसे में डॉक्टरों को अपने पेशे में श्रेष्ठ बनने के साथ-साथ संवेदनशील इंसान बने रहने की भी जरूरत है।

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दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं
राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन, विशेषज्ञों की सलाह और आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
उन्होंने एम्स बिलासपुर में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 12 लाख बाह्य मरीजों और एक लाख से अधिक भर्ती मरीजों ने संस्थान की चिकित्सा सेवाओं का लाभ लिया है।

बोलीं- एम्स के ब्रांड को मजबूत बनाइए
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने के बाद देश और क्षेत्र के लोगों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को एम्स के ब्रांड को मजबूत बनाने के साथ देश और समाज की सेवा करनी चाहिए। राष्ट्रपति का यह संदेश खास तौर पर एम्स बिलासपुर के पहले बैच के डॉक्टरों के लिए उनके पेशेवर सफर की शुरुआत में महत्वपूर्ण माना गया।
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