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Shimla: राजधानी में बर्फबारी से पहले हटेंगे खतरनाक पेड़, वन विभाग से मांगा रिकॉर्ड

Mon, 21 Nov 2022 03:18 PM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: शिमला ब्यूरो Updated Mon, 21 Nov 2022 03:18 PM IST
सार

शहर में 175 से ज्यादा पेड़ों को कटवाने के लिए आवेदन आए हैं। माना जा रहा है कि इसी महीने खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण हो सकता है।

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Shimla: Dangerous trees will removed before snowfall
खतरनाक पेड़(सांकेतिक) - फोटो : संवाद

विस्तार

शिमला में बर्फबारी से पहले ही शहरवासियों को खतरनाक पेड़ों से राहत मिल सकती है। जिला प्रशासन ने वन विभाग से इसका रिकॉर्ड मांग लिया है। जल्द ही शहर में खतरनाक पेड़ों को चिन्हित करने और इन्हें काटने की मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वन विभाग के पास शिमला शहर से 175 से अधिक आवेदन आए हैं। जिनमें पेड़ों को काटने की मंजूरी मांगी गई है। विभाग और नगर निगम ने इस बारे में जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। इसमें पूछा गया था कि इन आवेदनों पर क्या कार्रवाई की जाए। मेयर की अगुवाई वाली ट्री अथारिटी कमेटी भंग हो चुकी है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन यानि उपायुक्त शिमला ही इन पर फैसला ले सकते हैं।

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विभाग के पत्र के बाद अब उपायुक्त आदित्य नेगी ने वन विभाग से इन आवेदनों का श्रेणीवार रिकॉर्ड मांगा है। विभाग से पूछा गया है कि आवेदनों में सूखे और हरे पेड़ों को काटने के लिए कितने आवेदन आए हैं। इनमें से मौके पर कितने पेड़ हैं जो हकीकत में खतरा बन रहे हैं। कितने आवेदन पेड़ों की शाखाएं काटने से जुड़े हैं। विभाग को इनका निरीक्षण कर जिला प्रशासन को इसकी सूची भेजने को कहा गया है। इसके बाद जिन आवेदनों में तुरंत पेड़ काटने की जरूरत होगी, उनमें उपायुक्त जल्द ही निरीक्षण करेंगे। माना जा रहा है कि इसी महीने खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण हो सकता है।
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इन इलाकों में हैं सबसे ज्यादा खतरा
शहर के जाखू, बैनमोर, लक्कड़ बाजार, छोटा शिमला, कनलोग, बालूगंज, नाभा, फागली वार्डों में खतरनाक पेड़ों की संख्या ज्यादा है। हर साल बर्फबारी में इन इलाकों में दर्जनों पेड़ ढहते हैं। इससे सड़क पर खड़े वाहनों के साथ साथ घरों को भी नुकसान होता है। जाखू और बैनमोर देवदार के पेड़ों की शाखाएं काटने संबंधी भी आवेदन आ रहे हैं। इन आवेदनों पर यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो लोगों की चिंता बढ़ सकती है।
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विभाग से मांगा है रिकॉर्ड : उपायुक्त
उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि वन विभाग से सूचीबद्ध तरीके से रिकॉर्ड मांगा गया है। आवेदनों में कितने पेड़ या शाखाएं काटने से जुड़े हैं, इसकी जानकारी मांगी है। इसके बाद खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण कार्य शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।

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