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Shimla News: कागजों में दौड़ रहा ट्रैफिक प्लान, सड़कों पर यातायात जाम
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पर्यटन सीजन में बढ़ जाती है समस्या, घंटों जाम में फंस रहते हैं लोग, तंग सड़कें और बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी में दशकों से ट्रैफिक समस्या का नहीं निकला समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में हर साल पर्यटन सीजन शुरू होते ही ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। आलम यह है कि शिमला पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे निपटने के लिए जिला पुलिस एक दशक में कई प्लान कागजों में बना चुकी है लेकिन आज भी हर रोज शहर के हजारों लोग जाम की समस्या से जूझने को मजबूर हैं।
शहर में पार्किंग की पर्याप्त सुविधा नहीं होना और तंग सड़कें इसका मुख्य कारण है। शहर में पार्किंग सुविधा की बात करें तो निजी और व्यावसायिक पार्किंग में 6,000 वाहन खड़े हो सकते हैं। लेकिन वाहनों की संख्या करीब 40,000 है। चार दिन की बात करें तो जिले में 67,000 वाहनों ने शोघी बैरियर से शिमला शहर में प्रवेश किया है। इसमें 36,000 वाहन पर्यटकों के हैं। सीजन के रफ्तार पकड़ने के बाद जैसे-जैसे सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जाम की समस्या भी विकराल रूप धारण करती रहेगी। इसका खामियाजा शहर की जनता के साथ ही स्कूल जाने वाले विद्यार्थी, सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी और अन्य लोग भुगतते हैं। सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में लगने वाले जाम के कारण बच्चे स्कूल पहुंचने में लेट हो जाते हैं तो वहीं कर्मचारी देरी से कार्यालय पहुंचते हैं।
लिफ्ट, विक्ट्री टनल और संजौली में लगता है अधिक जाम
शहर में सबसे अधिक जाम की समस्या सर्कुलर रोड पर रहती है। इससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। सर्कुलर रोड की बात करें तो यहां पर लिफ्ट में पार्किंग में वाहनों के जाने और बाहर निकलने के कारण जाम लगता है, वहीं संजौली चौक के तंग होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। विक्ट्री टनल में तीनों ओर से वाहनों के आने से आवाजाही प्रभावित होती है और यह जाम चारों ओर फैल जाता है। इसके समाधान के लिए विधानसभा के पास फ्लाईओवर, लिफ्ट में सबवे और संजौली चौक को चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है लेकिन तीनों प्रोजेक्ट का काम तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया है।
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सीजन के लिए मंगवानी पड़ेगी रिजर्व
शहर में ट्रैफिक के लिहाज से पर्यटन सीजन में 90 प्वाइंटों पर जवानों की तैनाती की जाती है, लेकिन वर्तमान में पुलिस कर्मचारियों की कमी के कारण महज 50 प्वाइंट पर तैनाती की जा रही है। हर प्वाइंट पर दो पुलिस जवान तैनात रहते हैं। इस लिहाज से ट्रैफिक ड्यूटी में 60 के करीब जवानों की कमी है। इसको देखते हुए पुलिस को पर्यटन सीजन में दो रिजर्व मांगनी पड़ती हैं। पुलिस जवानों की कमी भी एक कारण है कि सभी जगह पुलिस की तैनाती नहीं होने से बेतरतीब पार्किंग होती है और इस वजह से सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
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राजधानी में दशकों से ट्रैफिक समस्या का नहीं निकला समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में हर साल पर्यटन सीजन शुरू होते ही ट्रैफिक जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। आलम यह है कि शिमला पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इससे निपटने के लिए जिला पुलिस एक दशक में कई प्लान कागजों में बना चुकी है लेकिन आज भी हर रोज शहर के हजारों लोग जाम की समस्या से जूझने को मजबूर हैं।
शहर में पार्किंग की पर्याप्त सुविधा नहीं होना और तंग सड़कें इसका मुख्य कारण है। शहर में पार्किंग सुविधा की बात करें तो निजी और व्यावसायिक पार्किंग में 6,000 वाहन खड़े हो सकते हैं। लेकिन वाहनों की संख्या करीब 40,000 है। चार दिन की बात करें तो जिले में 67,000 वाहनों ने शोघी बैरियर से शिमला शहर में प्रवेश किया है। इसमें 36,000 वाहन पर्यटकों के हैं। सीजन के रफ्तार पकड़ने के बाद जैसे-जैसे सैलानियों की संख्या बढ़ेगी, जाम की समस्या भी विकराल रूप धारण करती रहेगी। इसका खामियाजा शहर की जनता के साथ ही स्कूल जाने वाले विद्यार्थी, सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी और अन्य लोग भुगतते हैं। सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में लगने वाले जाम के कारण बच्चे स्कूल पहुंचने में लेट हो जाते हैं तो वहीं कर्मचारी देरी से कार्यालय पहुंचते हैं।
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लिफ्ट, विक्ट्री टनल और संजौली में लगता है अधिक जाम
शहर में सबसे अधिक जाम की समस्या सर्कुलर रोड पर रहती है। इससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। सर्कुलर रोड की बात करें तो यहां पर लिफ्ट में पार्किंग में वाहनों के जाने और बाहर निकलने के कारण जाम लगता है, वहीं संजौली चौक के तंग होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। विक्ट्री टनल में तीनों ओर से वाहनों के आने से आवाजाही प्रभावित होती है और यह जाम चारों ओर फैल जाता है। इसके समाधान के लिए विधानसभा के पास फ्लाईओवर, लिफ्ट में सबवे और संजौली चौक को चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है लेकिन तीनों प्रोजेक्ट का काम तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया है।
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सीजन के लिए मंगवानी पड़ेगी रिजर्व
शहर में ट्रैफिक के लिहाज से पर्यटन सीजन में 90 प्वाइंटों पर जवानों की तैनाती की जाती है, लेकिन वर्तमान में पुलिस कर्मचारियों की कमी के कारण महज 50 प्वाइंट पर तैनाती की जा रही है। हर प्वाइंट पर दो पुलिस जवान तैनात रहते हैं। इस लिहाज से ट्रैफिक ड्यूटी में 60 के करीब जवानों की कमी है। इसको देखते हुए पुलिस को पर्यटन सीजन में दो रिजर्व मांगनी पड़ती हैं। पुलिस जवानों की कमी भी एक कारण है कि सभी जगह पुलिस की तैनाती नहीं होने से बेतरतीब पार्किंग होती है और इस वजह से सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।